हाईकोर्ट : बर्खास्त शिक्षामित्र को बहाल करने का आदेश न मानने पर बीएसए मेरठ और बीईओ को अवमानना नोटिस जारी
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि शिक्षामित्र 15 वर्षों से उच्च प्राथमिक विद्यालय कृष्ण पुरी में कार्यरत थी। विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव व प्रधानाध्यापक मधुसूदन कौशिक द्वारा विद्यालय में कक्षा 7 के एक बच्चे को कमरे में बन्द करके पीटा गया था।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्र की बर्खास्तगी मामले में मेरठ की बीएसए आशा चौधरी और नगर क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी सतेंद्र पाल सिंह के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला ने उच्च प्राथमिक विद्यालय कृष्णपुरी में कार्यरत शिक्षामित्र निमिषा तिवारी की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर अधिवक्ता सुनील चौधरी को सुन कर पारित किया है।
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि शिक्षामित्र 15 वर्षों से उच्च प्राथमिक विद्यालय कृष्ण पुरी में कार्यरत थी। विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव व प्रधानाध्यापक मधुसूदन कौशिक द्वारा विद्यालय में कक्षा सात के एक बच्चे को कमरे में बंद करके पीटा गया था। जिसका विरोध करने पर प्रबंध समिति ने 31 दिसंबर को उसकी सेवा समाप्त करने का आदेश पारित किया था। सेवा समाप्ति के आदेश को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए सेवा समाप्ति के आदेश पर रोक लगा दिया था। इसके बावजूद उसे अभी तक सेवा में बहाल नहीं किया गया।
स्थगन आदेश का अनुपालन न किए जाने पर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने मेरठ की बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी और नगर क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र पाल सिंह के विरूद्ध अवमानना नोटिस जारी कर की है। मामले की अगली सुनवाई की तारीख 20 नवंबर नियत की गई है।