फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court comment DM-SP should stay within limits... do not have the illusion that they have the power

हाईकोर्ट की टिप्पणी : हद में रहें डीएम-एसपी...भ्रम न पालें कि उनमें अदालत की इज्जत बनाने व बिगाड़ने की ताकत है

Tue, 29 Apr 2025 06:50 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 29 Apr 2025 06:50 AM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि डीएम-एसपी हद में रहें, भ्रम न पालें कि उनमें अदालत की इज्जत बनाने व बिगाड़ने की ताकत है। डीएम जैसे अफसरों से निपटने व अपनी गरिमा को बरकरार रखने के लिए अदालत उनके आश्वासन की मोहताज नहीं है।

विज्ञापन
High Court comment DM-SP should stay within limits... do not have the illusion that they have the power
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि डीएम-एसपी हद में रहें, भ्रम न पालें कि उनमें अदालत की इज्जत बनाने व बिगाड़ने की ताकत है। डीएम जैसे अफसरों से निपटने व अपनी गरिमा को बरकरार रखने के लिए अदालत उनके आश्वासन की मोहताज नहीं है। इस तल्ख टिप्पणी संग न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की अदालत ने डीएम फतेहपुर से पूछा है कि क्यों न शपथ पत्र मे कहे शब्दों के लिए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएं। वहीं, थाना प्रभारी,कखरेरू को अगली सुनवाई पर अदालत मेें मौजूद रहने का आदेश दिया है।

विज्ञापन

मामला फतेहपुर कलपुर मजरे बसवा गांव का है। डॉ कमलेंद्र नाथ दीक्षित ने जनहित याचिका दाखिल कर गांव के सरकारी तालाब की जमीन से ग्राम प्रधान के अतिक्रमण को हटाने की मांग की है। साथ ही पुलिस प्रशासन पर याचिका वापस लेने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। इस पर कोर्ट ने डीएम व ग्राम प्रधान से व्यक्तिगत हलफनामा तलब किया था।

विज्ञापन

डीएम ने हलफनामा दाखिल कर आरोपो सें इन्कार कर दिया। हालंकि, कोर्ट ने डीएम के शपथपत्र के प्रस्तर 17 पर नाराजगी जताई गई, जिसमेें कहा गया कि अदालत को हुई असुविधा के लिए वह क्षमाप्रार्थी है। साथ ही आश्वासन दिया जाता है कि भविष्य मेें उनके या किसी भी अधिकारियों की ओर अदालत की गरिमा के बरकरार रखने में कोताही नहीं बरती जाएंगी। साथ ही बताया कि याची समेत किसी भी व्यक्ति को निशाना बनाए बिना सार्वजनिक हित के मद्देनजर कानून के अनुसार सभी कार्रवाई की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस पर कोर्ट ने कहा कि हलफनामे में प्रयोग किए गए शब्दों से प्रतीत होता है कि डीएम भ्रम में है कि वह अदालत की गरिमा का बढ़ाने व घटाने की ताकत रखते है। लिहाजा, डीएम फतेहपुर नया हलफनामा दाखिल कर बताएं क्यों न उनके इन शब्दों के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएं। वहीं, कोर्ट ने हैरानी भी जताई की एसपी फतेहपुर के हलफनामें में भी ऐसे ही शब्दों का प्रयोग किया गया था। कोर्ट ने सभी निजी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। वहीं ग्रामसभा समेत सभी अधिकारियों के शपथपत्र पर याची को छह मई तक जबाव दाखिल करने की मोहलत दी है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed