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High Court : कटऑफ से ज्यादा अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति का मौका दें
Thu, 19 Mar 2026 01:01 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 19 Mar 2026 01:01 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग की असिस्टेंट ऑपरेटर (रेडियो) भर्ती-2005 से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाते हुए संशोधित परिणाम में कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग की असिस्टेंट ऑपरेटर (रेडियो) भर्ती-2005 से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाते हुए संशोधित परिणाम में कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर दिया जाना चाहिए। यह आदेश न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने विभव सिंह और विक्रांत कुमार यादव की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया।
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2005 की यह भर्ती प्रक्रिया अनियमितताओं के आरोपों के चलते पहले निरस्त कर दी गई थी। बाद में कोर्ट के निर्देश पर जांच कर संदिग्ध अभ्यर्थियों को अलग किया गया और संशोधित परिणाम घोषित किया गया। जांच में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को संदिग्ध पाया गया, जिसके बाद मेरिट लिस्ट में बदलाव हुआ।
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याचियों की ओर से अधिवक्ताओं ने दलील दी कि प्रारंभिक मूल्यांकन में उत्तर कुंजी की त्रुटियों के कारण उनके अंक कम आंके गए थे। लेकिन, पुनर्मूल्यांकन के बाद उनके अंक बढ़े और वे चयन के दायरे में आ गए। संशोधित परिणाम में याचियों के अंक उनकी श्रेणी के कटऑफ से ऊपर थे। इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई। कोर्ट ने निर्देश दिया कि याची दो सप्ताह में संबंधित प्राधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करें। प्राधिकारी दस्तावेजों का परीक्षण कर नियमानुसार नियुक्ति पर निर्णय लेंगे।
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साथ ही कोर्ट ने कहा कि इसी तरह की स्थिति वाले अन्य अभ्यर्थी भी अभ्यावेदन दे सकते हैं, जिन पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। हालांकि, यदि कोई अभ्यर्थी वर्तमान में अन्य विभाग में कार्यरत है तो उसे नई नियुक्ति से पहले इस्तीफा देना होगा। साथ ही पूर्व अवधि का वेतन नहीं मिलेगा, जबकि वरिष्ठता व अन्य सेवा लाभों पर अलग से निर्णय लिया जाएगा।