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High Court : क्या अधिवक्ता के रूप में बिना पंजीकरण के कोई व्यक्ति कर सकता है वकालत, कोर्ट ने मांगा जवाब
Fri, 12 Sep 2025 12:43 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 12 Sep 2025 12:43 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक मामला सामने आया है कि क्या जो पंजीकृत अधिवक्ता न हो, वह किसी और की तरफ से अदालत में बहस कर सकता है। न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने इस मामले की सुनवाई करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण मुद्दा माना है।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक मामला सामने आया है कि क्या जो पंजीकृत अधिवक्ता न हो, वह किसी और की तरफ से अदालत में बहस कर सकता है। न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने इस मामले की सुनवाई करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण मुद्दा माना है। कोर्ट ने इस पर स्थिति साफ करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के महानिबंधक और उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के सचिव को भी याचिका में पक्षकार बनाया है।
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अधीनस्थ अदालत में शील निधी जायसवाल ने अर्जी दाखिल कर याची विश्राम सिंह को उनकी तरफ से बहस करने की अनुमति मांगी थी। अधीनस्थ कोर्ट ने मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वे एक पंजीकृत अधिवक्ता नहीं हैं। इस फैसले को विश्राम सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनकी दलील है कि वह पेशे से इंजीनियर हैं। उन्हें कानून की अच्छी समझ है और उसने सुप्रीम कोर्ट के 100 से अधिक फैसले पढ़े हैं। ऐसे में उन्हें किसी और की तरफ से बहस करने की अनुमति दी जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
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