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हाईकोर्ट : चेक बाउंस मामले में समन जारी करने से पहले साक्ष्य से संतुष्टि जरूरी
Wed, 15 Feb 2023 09:21 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 15 Feb 2023 09:21 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि परक्राम्य विलेख अधिनियम की धारा 138 की अर्जी पर धारा 202 में साक्ष्यों की जांच से संतुष्ट होने पर ही विपक्षी को समन जारी करना चाहिए। बिना साक्ष्य देखे जारी समन विधि विरुद्ध है।
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- फोटो : istock
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि परक्राम्य विलेख अधिनियम की धारा 138 की अर्जी पर धारा 202 में साक्ष्यों की जांच से संतुष्ट होने पर ही विपक्षी को समन जारी करना चाहिए। बिना साक्ष्य देखे जारी समन विधि विरुद्ध है। कोर्ट ने याची के विरुद्ध अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आगरा के 13 सितंबर 22 को जारी समन को रद्द कर दिया और नए सिरे से नियमानुसार आदेश पारित करने का आदेश दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति एस डी सिंह ने इरशाद खान की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता मोहम्मद आसिफ ने बहस की। इनका कहना था कि निर्विवाद तथ्य है कि याची अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर कोलकाता में रहता है। बिना साक्ष्य पर विचार किए उसे समन जारी कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शिकायतकर्ता के साक्ष्य पर विचार कर समन जारी करना चाहिए। इस मामले में ऐसा नहीं किया गया है।
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