{"_id":"65bc940a9cddac6c490f2393","slug":"high-court-bans-ban-on-new-e-rickshaw-registration-in-agra-seeks-response-from-government-within-three-weeks-2024-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट : आगरा में नए ई-रिक्शा पंजीकरण के प्रतिबंध पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सरकार से तीन सप्ताह में मांगा जवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट : आगरा में नए ई-रिक्शा पंजीकरण के प्रतिबंध पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सरकार से तीन सप्ताह में मांगा जवा
Fri, 02 Feb 2024 12:34 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 02 Feb 2024 12:34 PM IST
सार
यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने आगरा ई रिक्शा व्यापार एसोसिएशन की ओर से एआरटीओ (प्रशासन) द्वारा नए ई रिक्शा के पंजीकरण पर प्रतिबंध लगाने संबंधी 8 जनवरी को जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
विज्ञापन
E paper
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगरा में सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) की ओर से नए ई रिक्शा के पंजीकरण पर प्रतिबंध लगाने वाली अधिसूचना पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने सरकार से तीन हफ्ते में जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने आगरा ई रिक्शा व्यापार एसोसिएशन की ओर से एआरटीओ (प्रशासन) द्वारा नए ई रिक्शा के पंजीकरण पर प्रतिबंध लगाने संबंधी 8 जनवरी को जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
विज्ञापन
एआरटीओ प्रशासन ने यूपी मोटर वाहन नियम की धारा 178 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 10 जनवरी से नए ई रिक्शा और ऑटो के पंजीकरण पर रोक लगा दी थी। इसके खिलाफ ई रिक्शा व्यापार एसोसिएशन ने इस अधिसूचना को रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
विज्ञापन
याची एसोसिएशन के अधिवक्ता निर्विकल्प पांडे ने दलील दी कि मोटर वाहन के नियम 178 के तहत पुलिस अधीक्षक या पंजीकरण प्राधिकारी को मोटर वाहनों की गति को नियंत्रित करने की शक्ति तो है, लेकिन वाहनों के पंजीकरण पर प्रतिबंध लगाने की शक्ति किसी भी प्राधिकारी के पास नहीं है। ई रिक्शा के पंजीकरण पर रोक की अधिसूचना एआरटीओ (प्रशासन) ने क्षेत्राधिकार से बाहर जा कर जारी की है। यह निरस्त किए जाने योग्य है। कोर्ट ने अधिसूचना पर रोक लगाते हुए सरकार से तीन हफ्ते में जवाबी मांगा है।