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धोखाधड़ी के आरोपी को हाइकोर्ट ने दी जमानत
Thu, 26 Mar 2020 07:52 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 26 Mar 2020 07:52 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लॉक डाउन के दौरान जेल में बंद धोखाधड़ी के आरोपी की न सिर्फ जमानत मंजूर की है, बल्कि उसकी रिहाई के लिए स्थापित प्रक्रिया में डील देते हुए आदेश की ऑनलाइन कॉपी स्वीकार करने का आदेश दिया है।
मंझनपुर कौशांबी के कृष्ण मुरारी की सशर्त जमानत मंजूरकरते हुए कोर्ट ने कहा है कि आदेश की धोखाधड़ी के आरोपी को सशर्त जमानत आदेश की आन-लाइन कंप्यूटर कापी अधिवक्ता के हस्ताक्षर से दाखिल की जाय और कोर्ट आदेश का सत्यापन कर जमानत पर रिहा करे। कोर्ट बंद होने से आदेश की सत्यापित प्रति जारी न हो पाने के कारण आन-लाइन कापी को मान्यता प्रदान की गयी है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर ने दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि याची जमानत का दुरूपयोग नहीं करेगा।कोर्ट कार्यवाही में सहयोग करेगा।समय पर हाजिर होगा।शर्तों के उल्लंघन की दशा में कोर्ट को कुर्की सहित कानूनी कार्रवाई की छूट होगी।याची का कहना था कि जमीन को लेकर सिविल विवाद के चलते उसे धोखाधड़ी के आरोप में फंसाया गया है। कोर्ट बंद होने के बावजूद कोर्ट ने अर्जी की सुनवाई की।और राहत दी है।
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मंझनपुर कौशांबी के कृष्ण मुरारी की सशर्त जमानत मंजूरकरते हुए कोर्ट ने कहा है कि आदेश की धोखाधड़ी के आरोपी को सशर्त जमानत आदेश की आन-लाइन कंप्यूटर कापी अधिवक्ता के हस्ताक्षर से दाखिल की जाय और कोर्ट आदेश का सत्यापन कर जमानत पर रिहा करे। कोर्ट बंद होने से आदेश की सत्यापित प्रति जारी न हो पाने के कारण आन-लाइन कापी को मान्यता प्रदान की गयी है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर ने दिया है।
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कोर्ट ने कहा है कि याची जमानत का दुरूपयोग नहीं करेगा।कोर्ट कार्यवाही में सहयोग करेगा।समय पर हाजिर होगा।शर्तों के उल्लंघन की दशा में कोर्ट को कुर्की सहित कानूनी कार्रवाई की छूट होगी।याची का कहना था कि जमीन को लेकर सिविल विवाद के चलते उसे धोखाधड़ी के आरोप में फंसाया गया है। कोर्ट बंद होने के बावजूद कोर्ट ने अर्जी की सुनवाई की।और राहत दी है।
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