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UP : हाईकोर्ट ने पूछा- सरकार बताए...बिना सूचना व नोटिस के अस्पताल का पंजीकरण आवेदन खारिज क्यों किया
Wed, 10 Dec 2025 02:11 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 10 Dec 2025 02:11 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अस्पताल के पंजीकरण आवेदन को खारिज करने की सूचना याची को क्यों नहीं दी गई। साथ ही अस्पताल को बिना नोटिस दिए सील क्यों किया गया। यह भी पूछा है कि क्या नेपाल सीमा की निकटता के चलते अस्पताल नहीं खोला जा सकता।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अस्पताल के पंजीकरण आवेदन को खारिज करने की सूचना याची को क्यों नहीं दी गई। साथ ही अस्पताल को बिना नोटिस दिए सील क्यों किया गया। यह भी पूछा है कि क्या नेपाल सीमा की निकटता के चलते अस्पताल नहीं खोला जा सकता। इन बिंदुओं पर कोर्ट ने राज्य सरकार से 10 दिसंबर दोपहर दो बजे तक जवाब देने के लिए कहा है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन व न्यायमूर्ति अनिश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने डॉ.नरेश कुमार गुप्ता की ओर से दायर याचिका पर दिया है। महाराजगंज में याची डॉ.नरेश कुमार गुप्ता के अस्पताल को अधिकारियों ने पांच जुलाई 2025 को सील कर दिया। इस पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उनके अधिवक्ता अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने दलील दी कि याची ने अस्पताल के पंजीकरण के लिए आवेदन दिया था।
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छह जुलाई 2025 को प्रदूषण, आग और बायोमेडिकल अपशिष्ट के निपटान से संबंधित उपायों की कमी होने का दावा करते हुए आवेदन खारिज कर दिया गया। याची को इस संबंध में विस्तृत आदेश अभी तक नहीं दिया गया है। राज्य की ओर से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत निर्देशों में अस्पताल को सील करने के दो अतिरिक्त आधार बताए गए हैं। पहला पंजीकरण प्रमाण पत्र की गैर उपलब्धता और अस्पताल का नेपाल की सीमा से 500 मीटर की दूरी पर होना।
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