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High Court : लंबे समय से कार्यरत 33 कर्मचारियों के नियमितीकरण को हाईकोर्ट ने दी मंजूरी

Fri, 14 Nov 2025 01:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 14 Nov 2025 01:05 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगर पालिका परिषद, गाजीपुर के अधिशासी अधिकारी की ओर से सात अगस्त 2013 को जारी किए गए 33 चतुर्थ श्रेणी दैनिक/संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण आदेश को वैध ठहराया है।

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High Court approved the regularization of 33 long-serving employees.
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगर पालिका परिषद, गाजीपुर के अधिशासी अधिकारी की ओर से सात अगस्त 2013 को जारी किए गए 33 चतुर्थ श्रेणी दैनिक/संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण आदेश को वैध ठहराया है। न्यायालय ने इस पर रोक लगाने के पालिका अध्यक्ष के 22 अगस्त 2013 के आदेश को निरस्त कर दिया है। सभी याचियों को नियमित के समान वेतन का भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने जवाहरलाल शर्मा व 32 अन्य कर्मचारियों की याचिका पर दिया है।

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याची 1998 से 2004 के बीच पंप ऑपरेटर, ट्रैक्टर ड्राइवर, पाइप लाइन खलासी आदि स्वीकृत चतुर्थ श्रेणी पदों पर दैनिक या संविदा कर्मी के रूप में काम कर रहे थे। अधिशासी अधिकारी ने इनकी लंबी सेवा और चतुर्थ श्रेणी के 187 पद खाली होने के आधार पर नियमित किया था।
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हालांकि, पालिका अध्यक्ष ने इस निर्णय पर रोक लगा दी थी। याचियों ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने कहा कि अधिशासी अधिकारी ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति के प्राधिकारी हैं। इसलिए पालिका अध्यक्ष को रोक लगाने का अधिकार नहीं है। इसी के साथ याचिका स्वीकार कर ली है। 

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