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हाईकोर्ट : पीएचडी प्रवेश मामले में गोरखपुर विश्वविद्यालय से जवाब तलब
Thu, 24 Feb 2022 10:20 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 24 Feb 2022 10:20 PM IST
सार
याची के अधिवक्ता अशोक कुमार ओझा ने तर्क दिया कि गोरखपुर विश्वविद्यालय पीएचडी में प्रवेश से पहले प्री पीएचडी प्रवेश लेता है। उसमें सफल अभ्यर्थी भी पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश पा सकते हैं।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : Social Media
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश के मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से जवाब तलब किया है। मामले में 22 मार्च को सुनवाई होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने विजया जायसवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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याची के अधिवक्ता अशोक कुमार ओझा ने तर्क दिया कि गोरखपुर विश्वविद्यालय पीएचडी में प्रवेश से पहले प्री पीएचडी प्रवेश लेता है। उसमें सफल अभ्यर्थी भी पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश पा सकते हैं।
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विवि के नियम के मुताबिक पीएचडी में प्रवेश के लिए परास्नातक अंतिम सत्र के छात्र शामिल हो सकते हैं। लेकिन, अभ्यर्थी के मामले में विश्वविद्यालय ने उसका प्रवेश यह करते हुए रद्द कर दिया कि वह परास्नातक पास नहीं है। जबकि, याची प्री पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में सफल है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसका प्रवेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने पीएचडी प्रवेश 2019-20 का परिणाम घोषित करने का आदेश देते हुए जवाब दाखिल करने को कहा है।
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