फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court Allahabad: Court has no right to issue re-evaluation order without legal provision

High Court Allahabad : बिना कानूनी उपबंध के कोर्ट को पुनर्मूल्यांकन का समादेश जारी करने का अधिकार नहीं

Thu, 16 Mar 2023 12:24 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 16 Mar 2023 12:24 AM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कानूनी उपबंध नहीं है तो कोर्ट उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन का समादेश जारी नहीं कर सकती। कोर्ट ने तमाम न्यायिक फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कानून बनाने का कार्य विधायिका का है।

विज्ञापन

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कानूनी उपबंध नहीं है तो कोर्ट उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन का समादेश जारी नहीं कर सकती। कोर्ट ने तमाम न्यायिक फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कानून बनाने का कार्य विधायिका का है। कोर्ट को विधायी कार्य करने का अधिकार नहीं है। इसलिए कानूनन पुनर्मूल्यांकन नहीं किया जा सकता तो कोर्ट ऐसा निर्देश नहीं दे सकती। ऐसा नियम होने की दशा में कोर्ट अनुपालन करने का निर्देश दे सकती है।

विज्ञापन


राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि इंटरमीडिएट एक्ट में उतर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन का कोई उपबंध नहीं किया गया है और अंशुमान सिंह केस इस मामले में लागू नहीं होगा। इस पर कोर्ट ने इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन की मांग को लेकर दाखिल याचिका खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने रश्मि की याचिका पर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed