{"_id":"6a607bf7c9eddfe3410ebbb1","slug":"high-court-absconding-accused-cannot-deemed-in-illegal-custody-habeas-corpus-petition-not-maintainable-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"High Court : फरार आरोपी को अवैध हिरासत में नहीं माना जा सकता, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका नहीं हो सकती दाखिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
High Court : फरार आरोपी को अवैध हिरासत में नहीं माना जा सकता, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका नहीं हो सकती दाखिल
Wed, 22 Jul 2026 01:44 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 22 Jul 2026 01:44 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी आपराधिक मामले में फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है तो उसे अवैध हिरासत में मानकर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल नहीं की जा सकती।
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी आपराधिक मामले में फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है तो उसे अवैध हिरासत में मानकर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल नहीं की जा सकती। यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन की एकल पीठ ने आगरा निवासी ओमवती की ओर से दायर याचिका पर दिया।
विज्ञापन
याचिका में ओमवती ने आरोप लगाया था कि उनका 35 वर्षीय बेटा मनीष अपनी पत्नी और उसके परिजनों की अवैध हिरासत में है। इस संबंध में राजस्थान के धौलपुर जिले के मनिया थाने में 18 फरवरी 2026 को अपहरण सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। लेकिन पुलिस मनीष का पता नहीं लगा सकी।
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि मामला अवैध हिरासत का नहीं, बल्कि वैवाहिक विवाद का है। पत्नी की शिकायत पर 16 दिसंबर 2025 को आगरा के शमशाबाद थाने में दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़ और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी। मनीष गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार है और उसकी तलाश जारी है। जांच अधिकारी ने मनीष की गिरफ्तारी के लिए गंभीर प्रयास किए हैं। गैरजमानती वारंट की कार्रवाई भी हुई और जांच के बाद आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।
विज्ञापन