{"_id":"5d0695fd8ebc3e431513378c","slug":"heat-wave-in-day-and-storm-at-evening","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिन में तपिश-लू ने सताया शाम को अंधड़ से राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिन में तपिश-लू ने सताया शाम को अंधड़ से राहत
Mon, 17 Jun 2019 12:48 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 17 Jun 2019 12:48 AM IST
विज्ञापन
प्रयागराज
- फोटो : Prayagraj
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तमतमाए सूरज की तेज धूप से बढ़ी पिश, लू और उमस से परेशान लोगों को रविवार दोपहर बाद अंधड़ ने कुछ राहत दी। शाम को 75 किलोमीटर की रफ्तार से आई धूल भरी आंधी से मुसीबत बनी। आंधी के बाद कहीं-कहीं हुई बूंदाबांदी रात नौ बजे के बाद मौसम सुहावना हो गया। मौसम के करवट लेने से पारा करीब दो डिग्री लुढ़क गया। सूबे में लगातार दूसरे दिन प्रयागराज सर्वाधिक तपन वाला जिला बना रहा।
विज्ञापन
तेज रफ्तार आंधी का कहर रहा कि शहर में कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। अपट्रान चौराहे पर एक दीवार गिरने से अफरातफरी मच गई। यहां एक स्कूटी दब गई। मौके पर काफी देर तक यातायात बाधित रहा। शहर के शिवकुटी, स्टैनली रोड, ट्रैफिक और अपट्रान चौराहे समेत कई स्थानों पर बड़े पेड़ गिरे। बिजली के खंभे गिरे और टेढ़े हो गए। दो दर्जन से अधिक स्थानों पर बिजली का तार टूटने से परेशानी बढ़ गई।
विज्ञापन
रविवार को भी लोगों को तपन और उमस से राहत नहीं मिली। हीट वेव से और तेज गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को झुलसाते रहे। बीच-बीच में बादलों की आवाजाही कुछ देर के लिए धूप से राहत दिलाती लेकिन सूरज की तल्खी बादलों को दबा देती। तीन बजे के बाद अंधड़ से स्थिति और बिगड़ गई। घर से बाहर निकले लोगों के हलक तो सूखे ही हाथ और चेहरा झुलस गया। कई मोहल्लों में टीन टप्पर उड़ गए। होर्डिंग्स और बैनर आदि भी कहीं फटे तो कहीं टूटकर सड़क पर गिरे। सर्वाधिक प्रभावित बिजली हुई। इससे जलापूर्ति पर भी प्रभाव पड़ा। धूप से तपी सड़कें रात में आंच से परेशान करती रहीं।
विज्ञापन
मौसमी उठापटक से 24 घंटे में ही पारा 47.4 से लुढ़ककर 45.3 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। तापमान की यह कमी तपिश और चिलचिलाती गर्मी से राहत नहीं दिला सकी। शाम करीब पांच बजे हवाओं का जोर बढ़ता गया। तेज रफ्तार धूल भरी आंधी के साथ बढ़ी उमस से न्यूनतम तापमान भी रिकार्ड बना गया। दो दशक में रात का इतना अधिक तापमान कभी नहीं रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वहीं आर्द्रता का असंतुलन उमस बढ़ाने का कारण बना। नीचे और ऊपर की नमी 54 और 72 फीसदी मापी गई।
मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक तपन के बीच बादलों का आवाजाही बनी रहेगी। सोमवार को दोपहर तक मौसम सूखा रहेगा। फिर अंधड़ की आशंका है। उन्होंने बताया कि बीस जून तक तपन के कारण धूल भरी आंधी, गरज चमक के साथ बूंदाबांदी और बारिश के आसार हैं। मानसून में देरी के बाद भी 21 जून से संभावित बारिश तपन से राहत दिलाएगी।