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High Court : पीसीएस ज्योति मौर्या के पति की अपील पर सुनवाई टली, गुजारा के भत्ते के लिए दाखिल की है अपील
Fri, 08 Aug 2025 10:11 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 08 Aug 2025 10:11 PM IST
सार
PCS Jyoti Maurya Case :पीसीएस अफसर पत्नी ज्योति मौर्या से गुजारा भत्ता मांगने इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे आलोक की अपील पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और डॉ. वाई.के श्रीवास्तव की खंडपीठ कर रही है।
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पीसीएस ज्योति मौर्या और उनके पति आलोक मौर्य। फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
पीसीएस अफसर पत्नी ज्योति मौर्या से गुजारा भत्ता मांगने इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे आलोक की अपील पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और डॉ. वाई.के श्रीवास्तव की खंडपीठ कर रही है।
पिछली तारीख पर हाईकोर्ट ने पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य को नोटिस जारी किया था। आलोक ने आजमगढ़ की पारिवारिक अदालत की ओर से खारिज अर्जी के खिलाफ दाखिल अपील दाखिल की है। याची की दलील है कि उसकी पत्नी अफसर है। याची की आमदनी पत्नी के मुकाबले बेहद कम है। लिहाजा, वैवाहिक विवादों के लंबित रहने के दौरान उसे अफसर पत्नी से गुजारा भत्ता दिलाया जाए।
कोर्ट ने पाया कि अपील निर्धारित समय से 77 दिन की देरी से पारिवारिक अदालत की डिक्री की प्रमाणित प्रतिलिपि के बिना दाखिल की गई है। हालांकि, याची ने देरी माफी और प्रतिलिपि दाखिले की छूट प्रदान करने की अर्जी भी अपील संग प्रस्तुत की है।
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पिछली तारीख पर हाईकोर्ट ने पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य को नोटिस जारी किया था। आलोक ने आजमगढ़ की पारिवारिक अदालत की ओर से खारिज अर्जी के खिलाफ दाखिल अपील दाखिल की है। याची की दलील है कि उसकी पत्नी अफसर है। याची की आमदनी पत्नी के मुकाबले बेहद कम है। लिहाजा, वैवाहिक विवादों के लंबित रहने के दौरान उसे अफसर पत्नी से गुजारा भत्ता दिलाया जाए।
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कोर्ट ने पाया कि अपील निर्धारित समय से 77 दिन की देरी से पारिवारिक अदालत की डिक्री की प्रमाणित प्रतिलिपि के बिना दाखिल की गई है। हालांकि, याची ने देरी माफी और प्रतिलिपि दाखिले की छूट प्रदान करने की अर्जी भी अपील संग प्रस्तुत की है।
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