फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Hearing of Shri Krishna Janmabhoomi dispute case now on March 13, both sides presented arguments

श्रीकृष्ण जन्म भूमि और शाही ईदगाह विवाद : सुन्नी वक्फ बोर्ड ने बदला वकील, मस्जिद पक्ष की बहस जारी

Thu, 29 Feb 2024 02:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 29 Feb 2024 02:04 PM IST
सार

सुन्नी वक्फ बोर्ड ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में कहा कि 1968 में हुए समझौते के तहत कब्जा बरकरार है। पूजा स्थल अधिनियम सहित अन्य कानूनों के तहत याचिका पोषणीय नहीं
है। अपर महाधिवक्ता को न्यायमित्र बनाने को लेकर भी मुस्लिम पक्ष ने आपत्ति दाखिल की। 

विज्ञापन
Hearing of Shri Krishna Janmabhoomi dispute case now on March 13, both sides presented arguments
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि का विवाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रीकृष्ण जन्म भूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले में बृहस्पतिवार को सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अपना पक्ष रखने के लिए नए अधिवक्ता की नियुक्ति की है। अब इस मामले में अफ़ज़ल अहमद पैरवी करेंगे। उधर, मस्जिद पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता तसनीम अहमदी की ओर से बहस की गई। उन्होंने सिविल वाद की पोषणीयता पर सवाल खड़े किए। बहस न पूरी होने की वजह से कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि 13 मार्च निर्धारित की है। भगवान श्रीकृष्ण विराजमान एट कटरा केशव देव सहित कुल 18 वादों पर न्यायमूर्ति मयंक जैन की पीठ सुनवाई कर रही है।

विज्ञापन


मजिस्द पक्ष की ओर से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बहस कर रही अधिवक्ता ने सभी 18 सिविल वादों पर एक-एक करके पक्ष रखा। उन्होंने अब तक 17 वादों पर अपना पक्ष रखा है। अगली सुनवाई पर वाद संख्या 18वें पर अपनी बहस करेंगी। इसके पहले उन्होंने पूर्व के वादों में आपत्ति दर्ज कराई। कहा कि 1968 में हुए समझौते के तहत शाही ईदगाह मस्जिद पक्ष वहां काबिज है। इसके अलावा 1991 का पूजा स्थल अधिनियम, वक्फ और लिमिटेशन एक्ट, स्पेसिफिक परफामेंस एक्ट के तहत इन वादों पर सुनवाई नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन

 

ये सारे एक्ट से सभी सिविल वाद पोषणीय नहीं है। उन्होंने सिविल वाद संख्या 11, 12 और 14 में वादियों की ओर से वाद की अस्वीकृति पर दाखिल आपत्तियों पर जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की। इस पर कोर्ट ने उन्हें अगली सुनवाई की तिथि तक आपत्ति दाखिल करने का समय दिया। फिलहाल अभी मस्जिद पक्ष की बहस जारी है।

इसके पूर्व अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल को सिविल वाद में न्याय मित्र बनाने को लेकर मस्जिद पक्ष की ओर से आपत्ति उठाई गई। जवाब में मंदिर पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने विरोध किया। कहा कि वह प्रतिवादी की आपत्ति का जवाब देंगे। इसके लिए उन्होंने कोर्ट से समय भी मांगा। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई की आगे की तिथि तय कर दी। बहस के दौरान मस्जिद पक्ष की ओर से वजाहत हुसैन, नसीरुज्जमां और मंदिर पक्ष की ओर से हरेराम त्रिपाठी, प्रभाष पांडे, प्रदीप कुमार शर्मा, सौरभ तिवारी, रीना एन सिंह, शैलेंद्र कुमार सिंह आदि, मनोज कुमार सिंह आदि मौजूद रहेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed