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बर्खास्त इफ्को कर्मियों की सुनवाई छह माह में पूरी करने का निर्देश
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बर्खास्त इफ्कोकर्मियों की सुनवाई
छह महीने में पूरी करने का निर्देश
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने इफ्को फूलपुर के बर्खास्त 88 कर्मचारियों को बकाया वेतन के साथ बहाल करने के मामले में सक्षम प्राधिकारी श्रम न्यायालय प्रयागराज में चल रही कार्यवाही को छह माह में पूरी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि 2002 में पारित अवार्ड का पालन कराने की सुनवाई में अनावश्यक स्थगन की अनुमति न दी जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने ज्ञानचंद और 87 अन्य की याचिका पर दिया है।
याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता एएन त्रिपाठी ने बहस की। याचीगण का कहना है कि वे लंबे समय से इफ्को में कार्य कर रहे थे। उनको 1987-88 में अवैध रूप से हटा दिया गया। जिसे औद्योगिक अधिकरण इलाहाबाद में चुनौती दी गई। 15 जून 1990 को अधिकरण ने याचीगण के पक्ष में अवार्ड देते हुए बकाया वेतन के साथ बहाली का आदेश दिया। इसके खिलाफ इफ्को की याचिका खारिज हो गई। छह मार्च 2002 को एसएलपी भी सुप्रीमकोर्ट ने खारिज कर दी। अवार्ड फाइनल हो गया। फिर भी याचीगण को बहाल नहीं किया गया, तो अवार्ड का पालन कराने एवं धारा 14ए के तहत बर्खास्तगी के दिन से 250 रुपये प्रतिदिन पेनाल्टी लगाने की मांग में निष्पादन वाद दायर किया। 2002 से निष्पादन कार्यवाही लंबित है।
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छह महीने में पूरी करने का निर्देश
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने इफ्को फूलपुर के बर्खास्त 88 कर्मचारियों को बकाया वेतन के साथ बहाल करने के मामले में सक्षम प्राधिकारी श्रम न्यायालय प्रयागराज में चल रही कार्यवाही को छह माह में पूरी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि 2002 में पारित अवार्ड का पालन कराने की सुनवाई में अनावश्यक स्थगन की अनुमति न दी जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने ज्ञानचंद और 87 अन्य की याचिका पर दिया है।
याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता एएन त्रिपाठी ने बहस की। याचीगण का कहना है कि वे लंबे समय से इफ्को में कार्य कर रहे थे। उनको 1987-88 में अवैध रूप से हटा दिया गया। जिसे औद्योगिक अधिकरण इलाहाबाद में चुनौती दी गई। 15 जून 1990 को अधिकरण ने याचीगण के पक्ष में अवार्ड देते हुए बकाया वेतन के साथ बहाली का आदेश दिया। इसके खिलाफ इफ्को की याचिका खारिज हो गई। छह मार्च 2002 को एसएलपी भी सुप्रीमकोर्ट ने खारिज कर दी। अवार्ड फाइनल हो गया। फिर भी याचीगण को बहाल नहीं किया गया, तो अवार्ड का पालन कराने एवं धारा 14ए के तहत बर्खास्तगी के दिन से 250 रुपये प्रतिदिन पेनाल्टी लगाने की मांग में निष्पादन वाद दायर किया। 2002 से निष्पादन कार्यवाही लंबित है।
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