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गर्मी का कहर, डायरिया से बच्चे की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 13 Apr 2016 01:21 AM IST
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मौसम में बदलाव
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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गर्मी के साथ डायरिया और कई बीमारियों ने भी अपने पांव पंसारने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को डायरिया से कक्षा दो के एक छात्र की मौत हो गई। छात्र चकिया का रहने वाला था। बच्चे की मौत से परिवार में मातम छाया है। वहीं, अस्पतालों में भी गर्मी के प्रकोप से मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। मंगलवार को भी दिनभर धूल भरी आंधी चलती रही और लू जैसा एहसास होता रहा। स्कूलों से छुट्टी के बाद ट्रॉली, टैम्पो और बसों में बैठे बच्चे गर्मी से बिलबिलाते रहे। कुछ स्कूलों ने बच्चों की सहूलियत को देखते हुए स्कूलों के समय में परिवर्तन कर दिया तो कई स्कूल अब भी मनमानी पर उतारू हैं। प्रशासन की ओर से भी स्कूलों को अब तक कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
बम्हरौली स्थित एयरफोर्स स्टेशन के मौसम विभाग ने मंगलवार को अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया तो पठारी इलाके घूरपुर में स्थित राजकीय मौसम विभाग ने अधिकतम पारा 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। सोमवार के मुकाबले पारा तकरीबन तीन डिग्री नीचे आया लेकिन इससे खास राहत नहीं मिली। ज्यादातर स्कूलों में कक्षा पांच या उससे नीचे के बच्चों की छुट्टी दोपहर 11.30 बजे या उसके बाद हुई। उस वक्त सूरज सिर पर था और स्कूल के बाहर बच्चों के इंतजार में खड़ी टैम्पो, ट्रॉली और बसें तप रहीं थी। भीषण गर्मी से बिलबिलाते बच्चे किसी तरह घर पहुंचे। उधर, चकिया में रहने वाले कक्षा दो के छात्र साहिल की मंगलवार को डायरिया से मौत हो गई। मंगलवार को उसे अचानक उल्टी-दस्त शुरू हो गया। पिता सरवर अली और मां उसे लेकर कॉल्विन अस्पताल पहुंचे।
वहां भर्ती होने के कुछ देर बाद ही साहिल की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई। परिवार वाले बच्चे को एसआरएन अस्पताल लेकर भागे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। साहिल दो भाई-बहन में बड़ा था। उसकी असमय मौत से परिवार में मातम छाया है। दूसरी कुछ स्कूलों में भी बच्चों को उल्टी होने की शिकायत आई। अस्पतालों की ओपीडी में कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल ड्रेस में लेकर इलाज कराने पहुंचे। एक अभिभावक ने नाम न छापने की शर्त पर बताय कि उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल से छुट्टी का समय बदलने की थी लेकिन स्कूल वाले मनमानी पर अड़े हैं। बताया कि बच्चा जैसे ही स्कूल से बाहर आया उसे उल्टी होने लगी। ऐसे में घर के बजाय पहले उसे अस्पताल लेकर जाना पड़ा। अभिभावकों को इस बात से भी शिकायत है कि स्कूलों की टाइमिंग को लेकर जिला प्रशासन भी कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहा है।
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‘कुछ स्कूलों की टाइमिंग को लेकर शिकायतें आई हैं। मौसम को देखते हुए अगले एक-दो दिनों में सभी स्कूलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएगे।’ संजय कुमार, जिलाधिकारी
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बम्हरौली स्थित एयरफोर्स स्टेशन के मौसम विभाग ने मंगलवार को अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया तो पठारी इलाके घूरपुर में स्थित राजकीय मौसम विभाग ने अधिकतम पारा 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। सोमवार के मुकाबले पारा तकरीबन तीन डिग्री नीचे आया लेकिन इससे खास राहत नहीं मिली। ज्यादातर स्कूलों में कक्षा पांच या उससे नीचे के बच्चों की छुट्टी दोपहर 11.30 बजे या उसके बाद हुई। उस वक्त सूरज सिर पर था और स्कूल के बाहर बच्चों के इंतजार में खड़ी टैम्पो, ट्रॉली और बसें तप रहीं थी। भीषण गर्मी से बिलबिलाते बच्चे किसी तरह घर पहुंचे। उधर, चकिया में रहने वाले कक्षा दो के छात्र साहिल की मंगलवार को डायरिया से मौत हो गई। मंगलवार को उसे अचानक उल्टी-दस्त शुरू हो गया। पिता सरवर अली और मां उसे लेकर कॉल्विन अस्पताल पहुंचे।
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वहां भर्ती होने के कुछ देर बाद ही साहिल की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई। परिवार वाले बच्चे को एसआरएन अस्पताल लेकर भागे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। साहिल दो भाई-बहन में बड़ा था। उसकी असमय मौत से परिवार में मातम छाया है। दूसरी कुछ स्कूलों में भी बच्चों को उल्टी होने की शिकायत आई। अस्पतालों की ओपीडी में कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल ड्रेस में लेकर इलाज कराने पहुंचे। एक अभिभावक ने नाम न छापने की शर्त पर बताय कि उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल से छुट्टी का समय बदलने की थी लेकिन स्कूल वाले मनमानी पर अड़े हैं। बताया कि बच्चा जैसे ही स्कूल से बाहर आया उसे उल्टी होने लगी। ऐसे में घर के बजाय पहले उसे अस्पताल लेकर जाना पड़ा। अभिभावकों को इस बात से भी शिकायत है कि स्कूलों की टाइमिंग को लेकर जिला प्रशासन भी कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहा है।
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‘कुछ स्कूलों की टाइमिंग को लेकर शिकायतें आई हैं। मौसम को देखते हुए अगले एक-दो दिनों में सभी स्कूलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएगे।’ संजय कुमार, जिलाधिकारी