{"_id":"5f748e941538ea716a63f367","slug":"hathras-gang-rape-case-high-court-demands-unbiased-investigation-in-hathras-rape-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras Gang Rape Case : हाथरस दुष्कर्म मामले में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से निष्पक्ष जांच की मांग, अधिवक्ता ने लिखा खत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras Gang Rape Case : हाथरस दुष्कर्म मामले में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से निष्पक्ष जांच की मांग, अधिवक्ता ने लिखा खत
Wed, 30 Sep 2020 07:26 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 30 Sep 2020 07:26 PM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथरस दुष्कर्म मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र भेजकर इस समूचे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है । इस पत्र में विशेष जांच एजेंसी जांच कराने की मांग की गई है।
पेशे से अधिवक्ता गौरव द्विवेदी ने चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर को पत्र भेजकर उनसे प्रार्थना की है कि वह 14 सितंबर को हुए इस दुष्कर्म मामले का स्वत: संज्ञान लेकर युक्तियुक्त निर्देश जारी करें।
पत्र में अधिवक्ता ने कहा है कि चार लोगों ने पीड़िता का रेप करने के बाद गला दबाकर मारने की कोशिश की थी। यह घटना प्रदेश की कानून व्यवस्था की खराब दशा को भी उजागर करती है। कहा गया है कि प्रदेश में कानून का शासन है, जनता के मन में ऐसा विश्वास पैदा करने के लिए आवश्यक है कि इस दुष्कर्म मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए ताकि समूचे घटना की सही जांच हो सके। अधिवक्ता ने यह पत्र पीडिता की मौत के बाद चीफ जस्टिस को भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पेशे से अधिवक्ता गौरव द्विवेदी ने चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर को पत्र भेजकर उनसे प्रार्थना की है कि वह 14 सितंबर को हुए इस दुष्कर्म मामले का स्वत: संज्ञान लेकर युक्तियुक्त निर्देश जारी करें।
विज्ञापन
पत्र में अधिवक्ता ने कहा है कि चार लोगों ने पीड़िता का रेप करने के बाद गला दबाकर मारने की कोशिश की थी। यह घटना प्रदेश की कानून व्यवस्था की खराब दशा को भी उजागर करती है। कहा गया है कि प्रदेश में कानून का शासन है, जनता के मन में ऐसा विश्वास पैदा करने के लिए आवश्यक है कि इस दुष्कर्म मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए ताकि समूचे घटना की सही जांच हो सके। अधिवक्ता ने यह पत्र पीडिता की मौत के बाद चीफ जस्टिस को भेजा है।
विज्ञापन