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Harsh Firing : हर्ष फायरिंग में जान गंवाने वाले कार्तिकेय के शरीर में धंसे थे 50 छर्रे, शरीर हो गया था छलनी

Wed, 09 Oct 2024 12:32 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 09 Oct 2024 12:32 PM IST
सार

पोस्टमार्टम के दौरान कार्तिकेय के चेहरे से लेकर सीने तक कुल 21 छर्रे मिले, जबकि 25 से अधिक छर्रे शरीर को छलनी करते हुए पार हो गए थे। पोस्टमार्टम से पहले एक्स रे कराने के लिए शव को कॉल्विन अस्पताल ले जाया गया। इसमें पता चला कि सिर के पीछे की तरफ एक छर्रा, गर्दन से लेकर चेहरे तक सात छर्रे जबकि सीने और कंधे को मिलाकर करीब 40 से अधिक छर्रे धंसने के निशान थे।

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Harsh Firing: Karthikeya, who lost his life in harsh firing, had 50 pellets embedded in his body
कार्तिकेय यादव। फाइल फोटो - फोटो : संवाद।

विस्तार

करछना के केचुहा गांव में चाचा की सगाई के दौरान हर्ष फायरिंग में जान गंवाने वाले कार्तिकेय यादव (सात) के शव का मंगलवार को वीडियोग्राफी के साथ डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान उसके चेहरे और सीने में कारतूस के करीब 50 छर्रे मिले।

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वहीं, पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे चाचा रविशंकर उर्फ कल्लू ने कहा, मेरा भतीजा भी अन्य दो बच्चों की तरह घायल होता तो उसकी जान बचाने में पूरी संपत्ति लगा देता। भतीजे की जान जाने से मेरा तो सबकुछ चला गया। यह कहते हुए रविशंकर फफक पड़े।
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पोस्टमार्टम के दौरान कार्तिकेय के चेहरे से लेकर सीने तक कुल 21 छर्रे मिले, जबकि 25 से अधिक छर्रे शरीर को छलनी करते हुए पार हो गए थे। पोस्टमार्टम से पहले एक्स रे कराने के लिए शव को कॉल्विन अस्पताल ले जाया गया। इसमें पता चला कि सिर के पीछे की तरफ एक छर्रा, गर्दन से लेकर चेहरे तक सात छर्रे जबकि सीने और कंधे को मिलाकर करीब 40 से अधिक छर्रे धंसने के निशान थे।
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चाचा रविशंकर ने बताया कि कार्तिकेय उनके चचेरे भाई ज्ञान शंकर यादव के दो बेटों में छोटा था। सगाई में जाने की उसकी कोई तैयारी नहीं थी। सब लोग गाड़ी में बैठ गए थे। गाड़ी चलने लगी, तभी एक रिश्तेदार की उस पर नजर पड़ी और वह उसे भी साथ ले जाने की बात कहने लगे। इसके बाद आनन-फानन घरवालों ने उसे तैयार कर गाड़ी में बैठा दिया। रविशंकर का कहना था कि काश वह न गया होता तो आज हमारे घर का चिराग न बुझता। यह कहते हुए उनकी आंखें भर आईं।

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