प्रयागराज : गवाही के लिए गई दुष्कर्म पीड़िता को धमकाया, मुकदमा वापस लेने का बनाया दबाव
कर्नलगंज में गवाही के लिए गई दुष्कर्म पीड़िता को धमकी दी गई। मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया गया और कचहरी परिसर में पीछा भी किया गया। आरोप अभियुक्तों व उनके साथ आए अन्य लोगों पर है। पीड़िता की ओर से शिकायत की गई है।
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कर्नलगंज में गवाही के लिए गई दुष्कर्म पीड़िता को धमकी दी गई। मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया गया और कचहरी परिसर में पीछा भी किया गया। आरोप अभियुक्तों व उनके साथ आए अन्य लोगों पर है। पीड़िता की ओर से शिकायत की गई है। उधर कर्नलगंज पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
कर्नलगंज निवासी युवती ने 2020 में सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपियों में पूर्व भाजपा नेता श्याम प्रकाश द्विवेदी व बेली अस्पताल में तैनात डॉक्टर अनिल द्विवेदी शामिल हैं। मुकदमे में चार्जशीट लग चुकी है और मामला कोर्ट में है। पीड़िता ने बताया कि मुकदमे में आरोप तय होना है जिसके लिए वह शनिवार को दोपहर में कचहरी गई थी।
उसका आरोप है कि वहां कोर्ट परिसर में अभियुक्त श्यामप्रकाश के साथ कई अन्य लोग थे। आरोप है कि उन लोगों ने उसे व उसकी मां को धमकी दी। मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया। यही नहीं वापस जाते समय पीछा भी किया। पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद वह और उसकी मां इतना डर गई थी कि सीधे अपने अधिवक्ता के चैंबर में जाकर बैठ गई।
इसके बाद स्पीड पोस्ट और अन्य माध्यमों से पुलिस को शिकायती पत्र भेजा। इसमें उसने बताया है कि कचहरी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से अभियुक्त व उसके साथ आए लोगों की तस्वीर देखी जा सकती है। शिकायती पत्र में
उसने आशंका जताई है कि मुकदमे की पैरवी के लिए आते-जाते समय उसकी हत्या कराई जा सकती है। पीड़िता ने बताया कि उसने शिकायती पत्र भारत के मुख्य न्यायाधीश समेत अन्य लोगाें को भी भेजा है। इस मामले में कर्नलगंज इंस्पेक्टर राममोहन राय का कहना है कि थाने में कोई तहरीर नहीं मिली है। सोशल मीडिया के जरिए शिकायती पत्र दिए जाने की बात संज्ञान में आई है। पीड़िता को सुरक्षाकर्मी भी मिले हुए हैं। जांच पड़ताल की जा रही है।