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अपने ही शहर में सम्मान पाकर मिलती है खुशी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 16 Sep 2017 01:46 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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अपने ही नगर में अपनों से सम्मान मिलता है तो हृदय प्रसन्नता से भर उठता है। यह बात पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पंडित केसरीनाथ त्रिपाठी ने शुक्रवार को एमपीवीएम गंगा गुरुकुलम में आयोजित अपने अभिनंदन समारोह में कहीं। इस अभिनंदन समारोह को ‘जश्न ए संचयिता’ का नाम दिया गया।
दरअसल, ‘संचयिता’ राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी का काव्य संग्रह है, जिसके लिए उन्हें सम्मानित किया गया। इस दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने‘संचयिता’ के कुछ अंशों का पाठ भी किया। इससे पूर्व राज्यपाल समेत बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, विद्यालय की सचिव प्रो. कृष्णा गुप्ता, कोषाध्यक्ष रवींद्र गुप्ता, निदेशक मधुकर गुणे, प्राचार्य एमपीवीएम सुष्मिता कानूनगो और प्राचार्य गंगा गुरुकुलम अल्पना डे ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुुरुआत की। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने न सिर्फ संचयिता के प्रमुख अंशों का पाठ किया, बल्कि स्वरचित कविताएं भी सुनाईं। ‘संचयिता’ की रचना के लिए कोषाध्यक्ष रवींद्र गुप्ता ने राज्यपाल को शॉल और न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय ने मापत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के कुशल निर्देशन के लिए एमपीवीएम की अध्यापिका डॉ. अभिलाषा पांडेय को सम्मानित किया गया।
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दरअसल, ‘संचयिता’ राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी का काव्य संग्रह है, जिसके लिए उन्हें सम्मानित किया गया। इस दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने‘संचयिता’ के कुछ अंशों का पाठ भी किया। इससे पूर्व राज्यपाल समेत बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, विद्यालय की सचिव प्रो. कृष्णा गुप्ता, कोषाध्यक्ष रवींद्र गुप्ता, निदेशक मधुकर गुणे, प्राचार्य एमपीवीएम सुष्मिता कानूनगो और प्राचार्य गंगा गुरुकुलम अल्पना डे ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुुरुआत की। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने न सिर्फ संचयिता के प्रमुख अंशों का पाठ किया, बल्कि स्वरचित कविताएं भी सुनाईं। ‘संचयिता’ की रचना के लिए कोषाध्यक्ष रवींद्र गुप्ता ने राज्यपाल को शॉल और न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय ने मापत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के कुशल निर्देशन के लिए एमपीवीएम की अध्यापिका डॉ. अभिलाषा पांडेय को सम्मानित किया गया।
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