हनुमान जन्मोत्सव : बड़े हनुमान मंदिर पर उमड़ा आस्था का रेला, जय बजरंग बली के उद्घोष से गूंज उठा संगम क्षेत्र
श्रीहनुमान जन्मोत्सव पर संगम तट पर स्थित बड़ हनुमान मंदिर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बजरंग बली का दर्शन करने के लिए भोर में आरती के समय ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए थे। जय बजरंग बली और जयश्री राम के उद्घोष से पूरा संगम क्षेत्र गुंजायमान रहा।
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श्रीहनुमान जन्मोत्सव पर संगम तट पर स्थित बड़ हनुमान मंदिर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बजरंग बली का दर्शन करने के लिए भोर में आरती के समय ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए थे। जय बजरंग बली और जयश्री राम के उद्घोष से पूरा संगम क्षेत्र गुंजायमान रहा। मंदिर पर व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। बड़े वाहनों को मंदिर के पहले ही रोक दिया गया।
भक्तों ने संगम में डुबकी लगाने के बाद पवन पुत्र हनुमानजी का दर्शन किया। इस दौरान तुलस दल का माला, सिंदूर, तिल के तेल का दीया और मूंग के लड्डू का भोग अंजनी के लाल को लगाया गया। सिंदूर चढ़ाकर लोगों ने उज्ज्वल भविष्य और परिवार के मंगलमय जीवन की कामना की। मंदिर पर जाने के लिए कई कतारें लगी थी। मंदिर से लेकर किले तक भक्तों की लंबी कतार लगी रही. मंदिर पर सुंदरकांड का पाठ अनवरत चल रहा था।
बजरंग बली के दर्शन के बाद भक्तों ने श्रीराम जानकी, लक्ष्मण, बाल हनुमान और भगवान शिव और पार्वती का दर्शन पूजन भी किया। बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान शनि की भी अराधना करते हुए दीप प्रज्जवलित किया। मंदिर परिसर में तमाम भक्त रामायण और सुंदरकांड का पाठ करते नजर आए।
ज्ञान, भक्ति, वैराग्य के प्रतीक रामभक्त हनुमान की जयंती पर बृहस्पतिवार को रंग-बिरंगे फूलों, हरी पत्तियों से भव्य शृंगार किया गया। इस दौरान पंचामृत से अभिषेक किया गया। लोक मंगल की कामना से विविध अनुष्ठान हुए। बड़े हनुमान के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
संगम पर बड़े हनुमान मंदिर में सुबह ही आस्था की लहरें उमड़ने लगीं। यूपी और आसपास के राज्यों से हजारों भक्त दर्शन और पूजन करने पहुंचे। चैत्र शुक्ल पक्ष की उदया तिथि पूर्णिमा पर बड़े हनुमान का दूध, दही, घी, शहद, रस और पंचामृत से बाघंबरी मठ के महंत बलबीर गिरि महाराज ने अभिषेक किया।
प्रभु श्रीराम के भक्त हनुमान के जन्मोत्सव पर संगमनगरी में हर तरफ भक्तिमय माहौल रहा। सुबह से ही भक्तों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। पट खुलते ही भक्त अपनी बारी के इंतजार में आगे बढ़ने लगे। 51 वैदिक आचार्यों ने मंत्रोच्चार के साथ 108 लीटर दूध, 31 लीटर दही, 11 किलो घी, 11 किलो शहद, 11 किलो रस और 51 किलो पंचामृत से अभिषेक किया। म
हंत ने सबसे पहले पुष्प अर्पित किया। इसके बाद जल, दूध, दही, घी, शहद, गन्ने का रस, पंचामृत, अश्वगंधा, गुलाब और गंगाजल से अभिषेक किया गया। भक्तों में भी गजब का उत्साह देखने को मिला। इस दौरान मंदिर परिसर श्रीराम के जयकारों से गूंजता रहा।
मंदिर परिसर को करीब 10 कुंतल फूलों से सजाया गया था। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए पंडाल की व्यवस्था की गई। सुबह ही भंडारा भी शुरू कर दिया गया। वहीं, शाम चार बजे महाआरती और सामूहिक सुंदरकांड का पाठ किया गया। उधर त्रिपौलिया स्थित बाल हनुमान के अलावा न्यायविद हनुमान, हनुमत निकेतन समेत शहर के अन्य हनुमान मंदिरों में भव्य शृंगार झांकी सजाई गई। इस दौरान दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।