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Mamta Kulkarni : अमृत स्नान के बाद से बना ली थी किन्नर अखाड़े से दूरी, महामंडलेश्वर बनते ही छिड़ गया था विवाद

Mon, 10 Feb 2025 05:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 10 Feb 2025 05:48 PM IST
सार

किन्नर अखाड़े से महामंडेलश्वर बनाए जाने के महज सोलह दिनों बाद ही फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने सोमवार को पद से इस्तीफा दे दिया। दूसरे अमृत स्नान के बाद से ही ममता ने किन्नर अखाड़े से अपनी दूरी बना ली थी।

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Had distanced herself from Kinnar Akhara after Amrit Snan, controversy broke out as soon as Mahamandaleshwar
ममता कुलकर्णी - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

किन्नर अखाड़े से महामंडेलश्वर बनाए जाने के महज सोलह दिनों बाद ही फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने सोमवार को पद से इस्तीफा दे दिया। दूसरे अमृत स्नान के बाद से ही ममता ने किन्नर अखाड़े से अपनी दूरी बना ली थी। सोमवार को इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करके उन्होंने इसका एलान किया। इस्तीफा की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके महामंडलेश्वर बनाए जाने की वजह से अखाड़ों में विवाद शुरू हो गया। साधु-संत भी विरोध कर रहे थे। इस वजह से उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया। वह पिछले 25 साल से तप कर रही हैं। आगे भी वह साध्वी रहेंगी।

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किन्नर अखाड़ा आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने 24 जनवरी को ममता कुलकर्णी को संन्यास दीक्षा के तुरंत बाद महामंडलेश्वर की पदवी दे दी थी। इसके बाद उनको नया नाम श्रीयामाई ममता नंद गिरि रखा गया। ममता के महामंडलेश्वर बनते ही किन्नर अखाड़े में ही विवाद छिड़ गया। अखाड़े से जगतगुरु हिमांगी सखी ने स्त्री को प्रवेश देने का विरोध शुरू कर दिया। किन्नर अखाड़ा संस्थापक रहे ऋषि अजय दास भी विवाद में कूद पड़े।

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वसंत पंचमी के अमृत स्नान में नहीं लिया था हिस्सा

उन्होंने भी आपत्ति जताते हुए ममता समेत महामंडलेश्वर की पदवी देने के आरोप में आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को भी पद से हटा दिया। शंकराचार्य समेत अन्य संतों ने महामंडलेश्वर बनाए जाने की गलत परंपरा बनाए जाने पर नाराजगी जताई। संत-समाज के विरोध के चलते ममता तीसरे अमृत स्नान में शामिल नहीं हुईं। दूसरे अमृत स्नान के बाद ही वह महाकुंभ नगर से वापस लौट गईं।

इसके बाद से उन्होंने किन्नर अखाड़े से दूरी बना ली थी। सोमवार को वीडियो जारी करते हुए ममता कुलकर्णी ने कहा कि उन्होंने 25 साल तप किया। वह आगे भी साध्वी रहेंगी। इस दौरान उन्होंने अपने गुरू श्री चैतन्य गगन गिरि का नाम लेते हुए कहा कि एकमात्र सिर्फ वह सिद्ध गुरू हैं। बाकी के अंदर अंहकार छिपा है। उधर, ममता के इस्तीफा दिए जाने को लेकर आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने किसी तरह की अभी टिप्पणी करने से इन्कार किया है।

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