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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   h: Bio sensor will detect the danger of breast cancer, blood test will also reveal the extent of the danger.

Research : स्तन कैंसर के खतरे की आहट को पकड़ लेगा बायो सेंसर, खून की जांच से यह भी पता लग जाएगा कितना है खतरा

Fri, 24 Nov 2023 02:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 24 Nov 2023 02:18 PM IST
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h: Bio sensor will detect the danger of breast cancer, blood test will also reveal the extent of the danger.
रिसर्च। - फोटो : अमर उजाला।

कैंसर को लेकर स्थापित सत्य यही है कि इसका जितनी जल्दी पता लग जाएगा, मरीज की जान बचाने की उतनी ही संभावना बढ़ जाएगी। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की एक प्रोफेसर ने एक ऐसा ही बायो सेंसर तैयार किया है, जो न सिर्फ स्तन कैंसर की आहट को बता देगा, बल्कि यह भी स्पष्ट कर देगा कि कैंसर का खतरा है तो कितना। इस सेंसर का पेटेंट करा लिया गया है। यह व्यावसायिक उपयोग के लिए भी उपलब्ध है।

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महिलाओं को स्तन कैंसर के आसन्न खतरों से बचाने वाला यह बायो सेंसर तैयार किया है एमएनएनआईटी के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की प्रोफेसर डाॅ. अंजना पांडेय ने। उन्होंने इसका नाम ''''माइक्रोआरएनए बेस डिडक्शन ऑफ ब्रेस्ट कैंसर अर्ली डायग्नोसिसट'''' रखा है। नैनो तकनीक पर आधारित यह बायो सेंसर स्तन कैंसर का पता लगाता है। इस सेंसर में उच्च संवेदनशीलता है और कम समय में कैंसर का पता लगाने की क्षमता भी।
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बायो सेंसर में पूर्वानुमानित बायोमार्कर hsa-miR-21 है। यह इलेक्ट्रोकेमिकल बायो सेंसर प्रदान करता है, जो रोगियों के रक्त में मौजूद सीरम से सीधे कैंसर का पता लगा लेता है। कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल की कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनिया तिवारी भी अपने मरीजों में इस बायो सेंसर का प्रयोग कर चुकी हैं। वे बताती हैं कि इसके नतीजे उत्साहजनक हैं।

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फेफड़ों के कैंसर से निकला आगे

यह सेंसर इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्तन कैंसर पीड़ितों की संख्या फेफड़े के कैंसर रोगियों से भी आगे निकल चुकी है। प्रो. अंजना बताती हैं कि वैश्विक कैंसर के मामलों में फेफड़ों के कैंसर से आगे निकल गया है। ऐसे में जरूरी है कि कैंसर होने के पूर्व ही उसका पता लगाया जा सके और इस घातक बीमारी के होने के पहले ही उससे बचने के उपाय किए जा सके।


स्तन कैंसर के मरीजों में 50 फीसदी इजाफा

कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. सपन श्रीवास्तव का कहना है कि कैंसर मरीजों की संख्या में 50 फीसदी तक इजाफा हो चुका है। कोरोना के पहले अस्पताल में जहां हर माह औसतन 100 नए स्तन कैंसर के मरीज सामने आते थे। अब मरीजों की संख्या 150 तक पहुंच गई है।

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