जीएसटी के तहत जब्ती के प्रावधान को चुनौती
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केंद्रीय माल एवं सेवा कर अधिनियम (जीएसटी) की धारा-129 और धारा-130 की वैधानिकता को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने याचिका की पोषणीयता पर यह कहते हुए आपत्ति की कि जब्ती आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। उसी आदेश के साथ अधिनियम के उपबंधों की वैधता को चुनौती देते हुए दूसरी याचिका पोषणीय नहीं है। ऐसा करना रेसजुडिकेटा (प्रांगन्याय) के सिद्धांतों के खिलाफ है। कोर्ट ने सरकार को आपत्ति दाखिल करने का समय दिया है।
चंदौली के प्रवीण सिंह की याचिका पर न्यायमूर्ति भारती सप्रू तथा न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया कि वैध प्रमाणपत्र के बगैर माल ले जा रहे ट्रक को जब्त किया गया। याची के अधिवक्ता अनिल तिवारी ने यह कहते हुए अधिनियम के उपबंधों की वैधता को चुनौती दी है कि माल से ट्रक मालिक का कोई सरोकार नहीं है। फर्म पर कार्रवाई के बजाए ट्रांसपोर्टर पर कार्रवाई करना, उसके व्यावसायिक अधिकारों के खिलाफ है। केंद्र सरकार के अधिवक्ता कृष्णजी शुक्ल का कहना था कि जीएसटी चोरी के मामले में देश की 142 बोगस फर्में कूटरचित पहचान पर ऑनलाइन पंजीकृत कराई गई हैं।
उत्तर प्रदेश में 39 फर्जी फार्मों द्वारा 380 करोड़ रुपये का क्रय विक्रय कर 65 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की गई। 112 पैन धारकों, 37 फोन नंबर धारकों और 1591 वाहनों के विरुद्ध षड्यंत्र और धोखधड़ी के आरोप में कार्रवाई की गई है। लखनऊ के गोमतीनगर थाना विभूति खंड में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। फर्जी कंपनियों के नाम से ट्रांसपोर्टर अवैध मॉल की ढुलाई करते हुए पकड़े गए हैं। इसी तरह के मामले में याची का ट्रक जब्त किया गया है। सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।