ग्रेड प्वाइंट के फेर में उलझा चयन
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नौकरियों एवं प्रवेश में होने वाले साक्षात्कार तथा ग्रुप डिस्कशन के लिए भरे जाने वाले आवेदन में अभ्यर्थियों को ग्रेड प्वाइंट को अंक और प्रतिशत में बदलने के लिए फार्मूले की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में अभ्यर्थियों को अब साक्षात्कार के दौरान ग्रेड प्वाइंट को अंक अथवा प्रतिशत में बदलने का फार्मूला नहीं देने पर बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। दसवीं, बारहवीं, स्नातक और परास्नातक स्तर पर परीक्षाओं में मिलने वाले अंकों को लेकर परीक्षार्थियों में भेदभाव को देखते हुए बोर्ड एवं विश्वविद्यालयों की ओर से मिलने वाले जीपीए/सीजीपीए (ग्रेड प्वाइंट) ने परेशानी बढ़ा दी है।
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), संघ लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग सहित विश्वविद्यालयों की ओर से होने वाली भर्तियों ग्रेड प्वाइंट से नहीं बल्कि अंकों के आधार पर मेरिट बनती है। भर्ती आयोग अभ्यर्थियों से संबंधित बोर्ड एवं विश्वविद्यालय से ग्रेड प्वाइंट को अंक में बदलने के लिए फार्मूले की जानकारी देनी पड़ती है। ग्रेड प्वाइंट को अंक में बदलने के लिए अभ्यर्थियों को सभी शिक्षा बोर्डों एवं जिस-जिस विश्वविद्यालय में अध्ययन किया है, वहां से जानकारी जुटाना पड़ता है। इससे परीक्षार्थियों की परेशानी बढ़ी है।