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माघ मेला के लिए क्षेत्रफल बढ़ाए सरकार, तीर्थ पुरोहित महासभा ने लगाई गुहार
Sat, 26 Sep 2020 11:54 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 26 Sep 2020 11:54 AM IST
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इलाहाबाद संगम
- फोटो : अमर उजाला
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अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने शुक्रवार को केंद्र व प्रदेश की सरकारों पर पुरोहितों और पुजारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा गया। इस ज्ञापन में कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए माघ मेला के लिए क्षेत्रफल बढ़ाए जाने की बात प्रमुखता से शामिल की गई है। साथ ही मंदिरों के अधिग्रहण और सनातनी परंपराओं, मूल्यों पर हो रहे हमले पर चिंता जताई गई है।
महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नवीन नागर चतुर्वेदी ने कहा कि तीर्थपुरोहितों का उत्पीड़न होने से परंपरा पर लगातार चोट पहुंच रही है। नागर ने कहा कि प्राचीन मान्यताओं को तोड़ा जाना संस्कृति पर हमला है। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। गंगा की अविरलता-निर्मलता के लिए अब तक कोई कदम न उठाए जाने पर भी नाराजगी जताई गई।
माघ मेला-2021 के लिए गाइड लाइन जारी करने और कोविड-19 को देखते हुए क्षेत्रफल बढ़ाए जाने का भी सुझाव दिया, ताकि कल्पवासियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही पुरोहितों से धार्मिक कर्मकांड के नाम पर संगम क्षेत्र में किसी तरह की वसूली न करने की भी मांग की गई। इस मौकेपर पर हरिजगन्नाथ शास्त्री, हीरामणि भारद्वाज, रामानंद शर्मा, संजय चतुर्वेदी, पवन पांडेय, अनिल मिश्रा, विनोद चतुर्वेदी, मनोज शर्मा, प्रदीप पाठक उपस्थित थे।
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महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नवीन नागर चतुर्वेदी ने कहा कि तीर्थपुरोहितों का उत्पीड़न होने से परंपरा पर लगातार चोट पहुंच रही है। नागर ने कहा कि प्राचीन मान्यताओं को तोड़ा जाना संस्कृति पर हमला है। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। गंगा की अविरलता-निर्मलता के लिए अब तक कोई कदम न उठाए जाने पर भी नाराजगी जताई गई।
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माघ मेला-2021 के लिए गाइड लाइन जारी करने और कोविड-19 को देखते हुए क्षेत्रफल बढ़ाए जाने का भी सुझाव दिया, ताकि कल्पवासियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही पुरोहितों से धार्मिक कर्मकांड के नाम पर संगम क्षेत्र में किसी तरह की वसूली न करने की भी मांग की गई। इस मौकेपर पर हरिजगन्नाथ शास्त्री, हीरामणि भारद्वाज, रामानंद शर्मा, संजय चतुर्वेदी, पवन पांडेय, अनिल मिश्रा, विनोद चतुर्वेदी, मनोज शर्मा, प्रदीप पाठक उपस्थित थे।
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