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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा : दो सप्ताह में सरकार दुरुस्त करे व्यवस्था, नहीं मिलेगी मोहलत
Mon, 08 Aug 2022 10:12 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 08 Aug 2022 10:12 PM IST
सार
कोर्ट ने कहा कि मुकदमों की सुनवाई में सरकार को अब मोहलत नहीं दी जाएगी और केसों से संबंधित जानकारी न मिलने पर हर्जाना लगाया जाएगा। कोर्ट जमानत अर्जी पर अब 22 अगस्त को सुनवाई करेगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने समीर की जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया है।
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allahabad high court
- फोटो : social media
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता कार्यालय में आग से जली फाइलों के पुनर्निर्माण को लेकर पेशी पर आए प्रमुख सचिव विधि एवं न्याय को दो हफ्ते का समय दिया है। कहा है कि इस अवधि में रोडमैप तैयार कर कोर्ट केसमक्ष प्रस्तुत करें। अगर बजट की दिक्कत होती है तो जिम्मेदार को भी तलब किया जाएगा।
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कोर्ट ने कहा कि मुकदमों की सुनवाई में सरकार को अब मोहलत नहीं दी जाएगी और केसों से संबंधित जानकारी न मिलने पर हर्जाना लगाया जाएगा। कोर्ट जमानत अर्जी पर अब 22 अगस्त को सुनवाई करेगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने समीर की जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया है।
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कोर्ट ने प्रमुख सचिव विधि एवं न्याय की उपस्थिति से छूट दे दी है। शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि अन्य सभी मामलों में मांगी गई जानकारी उपलब्ध है। महाधिवक्ता व शासकीय अधिवक्ता कार्यालय में फिर से कामकाज शुरू हो गया है।
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कोर्ट ने कहा कि वित्त सचिव बजट मुहैया कराएं ताकि जली फाइलों का पुनर्निर्माण सहित अन्य व्यवस्थाएं की जा सकें। इससे पहले जमानत अर्जियों पर मांगी गई जानकारी उपलब्ध न हो पाने व सरकारी फाइलों की अनुपलब्धता पर कोर्ट ने प्रमुख सचिव को तलब किया था। कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार पाल के प्रयासों की सराहना की और उम्मीद जताई कि दो हफ्तों में व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाएगी।