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सरकार सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल करे पुनर्विचार याचिका
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 27 Jul 2017 02:18 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ एवं आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के संयुक्त बैनर तले शिक्षामित्रों ने बुधवार को डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसीएम को सौंपा गया। संघ एवं एसोसिएशन बृहस्पतिवार को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय में प्रदर्शन करेगा।
सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद बड़ी संख्या में शिक्षामित्र बृहस्पतिवार को डीएम कार्यालय पर जुटे। इस दौरान एसीएम को दिए गए ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका अतिशीघ्र दाखिल करने, सरकार तथा शिक्षा मित्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अविलंब निर्णय लेने की मांग की गई। शिक्षामित्रों ने कहा कि यदि सरकार ने उनका भविष्य सुरक्षित करने पर निर्णय नहीं लिया तो बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। जिलाध्यक्ष वसीम अहमद एवं अश्वनी त्रिपाठी ने शिक्षा मित्रों का बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे शिक्षा निदेशालय पहुंचने का आह्वान किया।
प्रदर्शन एवं ज्ञापन देने वालों में सुरेंद्र पांडेय, शारदा शुक्ला, जनार्दन पांडेय, अरुण पटेल, अरुण सिंह, अभिनव त्रिपाठी, सुनील तिवारी, विनोद भारतीया, सुमंत तिवारी, संतोष बाबू पाल, श्याम दत्त मिश्र आदि शामिल थे। दूसरी ओर इंडियन माइनारटीज फ्रंट के अध्यक्ष एवं आमजन मोर्या के संयोजक वली उल्लाह ने कहा कि सरकार को प्राथमिक शिक्षा एवं शिक्षकों के लिए स्पष्ट नीति बनानी होगी। कहा कि प्राथमिक शिक्षा अनिवार्य शिक्षा हैष उसे ठेके पर चलवाना ठीक नहीं है। शिक्षा मित्रों को नियमित करने के लिए आवश्यक कानून बने।
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सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद बड़ी संख्या में शिक्षामित्र बृहस्पतिवार को डीएम कार्यालय पर जुटे। इस दौरान एसीएम को दिए गए ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका अतिशीघ्र दाखिल करने, सरकार तथा शिक्षा मित्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अविलंब निर्णय लेने की मांग की गई। शिक्षामित्रों ने कहा कि यदि सरकार ने उनका भविष्य सुरक्षित करने पर निर्णय नहीं लिया तो बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। जिलाध्यक्ष वसीम अहमद एवं अश्वनी त्रिपाठी ने शिक्षा मित्रों का बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे शिक्षा निदेशालय पहुंचने का आह्वान किया।
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प्रदर्शन एवं ज्ञापन देने वालों में सुरेंद्र पांडेय, शारदा शुक्ला, जनार्दन पांडेय, अरुण पटेल, अरुण सिंह, अभिनव त्रिपाठी, सुनील तिवारी, विनोद भारतीया, सुमंत तिवारी, संतोष बाबू पाल, श्याम दत्त मिश्र आदि शामिल थे। दूसरी ओर इंडियन माइनारटीज फ्रंट के अध्यक्ष एवं आमजन मोर्या के संयोजक वली उल्लाह ने कहा कि सरकार को प्राथमिक शिक्षा एवं शिक्षकों के लिए स्पष्ट नीति बनानी होगी। कहा कि प्राथमिक शिक्षा अनिवार्य शिक्षा हैष उसे ठेके पर चलवाना ठीक नहीं है। शिक्षा मित्रों को नियमित करने के लिए आवश्यक कानून बने।
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