फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   government has also approved the centre determination policy of UP Board, process will be based on software

UP : यूपी बोर्ड की केंद्र निर्धारण नीति को शासन ने भी दी मंजूरी, सॉफ्टवेयर पर आधारित होगी प्रक्रिया

Mon, 03 Nov 2025 06:11 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 03 Nov 2025 06:11 AM IST
सार

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के लिए केंद्र निर्धारण की नीति शासन की ओर से जारी कर दी गई है। इस बार केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया सॉफ्टवेयर आधारित होगी।

विज्ञापन
government has also approved the centre determination policy of UP Board, process will be based on software
यूपी बोर्ड (UPMSP UP Board) - फोटो : आधिकारिक एक्स हैंडल यूपी बोर्ड (@upboardpryj)

विस्तार

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के लिए केंद्र निर्धारण की नीति शासन की ओर से जारी कर दी गई है। इस बार केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया सॉफ्टवेयर आधारित होगी। गलत जानकारी दर्ज होने पर अगर कोई विद्यालय परीक्षा केंद्र बन जाता है और जनपदीय केंद्र निर्धारण समिति की जांच में मामला सामने आता है तो केंद्र को निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही संबंधित के खिलाफ अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन

माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि इस प्रावधान के तहत तीन वर्ष से लेकर आजीवन कारावास और दस लाख से एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा दोषी संस्था को तीन वर्ष के लिए डिबार भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि रिमोट सेंसिंग से परीक्षण के दौरान जिन विद्यालयों की जियो लोकेशन गलत पाई जाएगी, उनकी सूची संबंधित जिले के डीआईओएस को भेजी जाएगी।

विज्ञापन


इसके सत्यापन के लिए एपीआई युक्त मोबाइल एप विकसित किया गया है जिसे प्रधानाचार्य डाउनलोड कर विद्यालय की लोकेशन और फोटो अपलोड कर सकेंगे। इसके अलावा 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग छात्रों को उनके विद्यालय में ही परीक्षा देने की सुविधा दी जाएगी। यदि ऐसा संभव नहीं है तो उन्हें सात किलोमीटर के भीतर के परीक्षा केंद्रों में समायोजित किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

परीक्षा केंद्र निर्धारण के प्रमुख बिंदु

  • वर्ष 2026 की परीक्षा में हाईस्कूल के 27,50,945 और इंटरमीडिएट के 24,79,352 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
  • कुल 52,30,297 परीक्षार्थियों के लिए 7500 से 7700 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।
  • इस बार अधिक छात्र संख्या और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यालयों को दी जाएगी प्राथमिकता।
  • विद्यालयों में 2200 से अधिक परीक्षार्थी भी आवंटित किए जा सकेंगे (पिछले वर्ष अधिकतम सीमा 2000 थी )।

इन्हें नहीं बनाया जाएगा परीक्षा केंद्र

  • जहां क्रियाशील प्रयोगशाला नहीं है।
  • जिन विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरे हैं।
  • जिनकी मान्यता प्रत्याहरण की प्रक्रिया चल रही है।
  • जहां हाईस्कूल और इंटर दोनों में कुल 80 से कम छात्र पंजीकृत हैं।
  • ऐसे स्ववित्तपोषित विद्यालय जहां 20 प्रतिशत से अधिक परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे हों।
  • जिन विद्यालयों तक पहुंचने के लिए 10 फीट से कम चौड़ा रास्ता है।
  • जिन विद्यालयों की क्षमता 125 से कम है।
  • जिन विद्यालयों के परिसर में प्रबंधक या प्रधानाचार्य के आवास हैं।
  • जहां प्रबंधक और प्रधानाचार्य के बीच विवाद चल रहा है।
  • जिन विद्यालयों में उत्तरपुस्तिका बाहर लिखते हुए पाए जाने की रिपोर्ट दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed