फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Government declares decision on army recruitment 2015

सिपाही भर्ती 2015 पर निर्णय लेकर बताए सरकार

Sun, 17 Sep 2017 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 17 Sep 2017 01:39 AM IST
विज्ञापन
Government declares decision on army recruitment 2015
औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था। - फोटो : Demo Pic
हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि नागरिक पुलिस और पीएसी में 34716 आरक्षियों के लिए 2015 में जारी विज्ञापन पर भर्ती करने के संबंध सरकार निर्णय लेकर अदालत को अवगत कराए। कोर्ट ने जानना चाहा है कि सरकार 2015 की संशोधित नियमावली (बिना लिखित परीक्षा के) पर भर्ती कराना चाह रही है या विज्ञापन वापस लेना चाहती है। मामले पर अगली सुनवाई नौ अक्तूबर को होनी है। तब तक प्रदेश सरकार को इस संबंध में निर्णय लेकर अदालत को अवगत कराना है। रणविजय सिंह और विवेकानंद यादव सहित अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल की पीठ सुनवाई कर रही है।
विज्ञापन


याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि प्रदेश सरकार ने दो दिसंबर 2015 को सिपाही भर्ती की नियमावली के नियम 15 में संशोधन करते हुए लिखित परीक्षा का प्रावधान समाप्त कर दिया। भर्ती हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्राप्तांक तथा शारीरिक दक्षता पर कराने का निर्णय लेते हुए 19 दिसंबर 2015 को 34716 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया गया। इसमें 28916 पद पुरुष अभ्यर्थियों के और 5800 पद महिलाओं के लिए हैं। इस संशोधन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचीगण का कहना था कि लिखित परीक्षा समाप्त करने से मेधावी छात्र चयन से वंचित हो जाएंगे। कोर्ट ने चयन प्रक्रिया जारी रखने का निर्देश दिया मगर अंतिम परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी थी।
विज्ञापन


इस आदेश के क्रम में प्रदेश सरकार ने मेरिट लिस्ट तैयार कर ली तथा शारीरिक दक्षता परीक्षा भी करा ली, मगर कोर्ट की रोक की वजह से परिणाम घोषित नहीं हो सका। इस बीच सूबे में सरकार बदल गई और नई सरकार ने फिर से नियमावली के नियम 15 में 17 अगस्त 2017 को संशोधन करते हुए लिखित परीक्षा से भर्ती कराने का निर्णय लिया। महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने अदालत को बताया कि नियमावली में संशोधन कर दिया गया है। मगर यह संशोधन 2015 के विज्ञापन पर लागू नहीं होगा। कोर्ट ने पूछा है कि सरकार 2015 के विज्ञापन पर आगे क्या कदम उठाने वाली इस संबंध में निर्णय लेकर अगली सुनवाई नौ अक्तूबर को अवगत कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed