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दिया सुझाव, महिलाओं के लिए कैसे बेहतर हो कुंभ
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 02 Jul 2018 12:28 AM IST
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2019 में लगने वाले कुंभ को महिला श्रद्धालुओं के लिए और बेहतर कैसे बनाया जाए, इसी मुद्दे पर रविवार को पुलिस लाइन में विचारों का मंथन हुआ। इसमें विभिन्न वर्गों की महिलाओं ने साफ-सफाई, सुरक्षा जैसे तमाम मुद्दों पर सुझाव दिए। तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम में कई बहुमूल्य सुझाव आए, जिन पर अमल किए जाने की तैयारी भी पुलिस विभाग के अफसरों ने शुरू कर दी है।
‘आओ सहेली’ नाम के इस कार्यक्रम का आयोजन पुलिस लाइन सभागार में रविवार शाम करीब सवा तीन बजे शुरू हुआ। इसमें बड़ी संख्या में समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाएं शामिल हुईं। जिनमें मेडिकल, शिक्षा, राजनीति, सामाजिक कार्य आदि से जुड़ीं महिलाएं शामिल थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर नगर आयुक्त ऋतु सुहास ने की। इस दौरान आईजी रमित शर्मा और एसएसपी नितिन तिवारी भी मौजूद रहे। ज्यादातर महिलाओं ने साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने और कुंभ क्षेत्र को नशा मुक्त करने के लिए विशेष कवायद की जरूरत बताई। करीब तीन घंटे तक चले कार्यक्रम में महिलाओं ने एक से बढ़कर एक सुझाव दिए। कई महिलाओं ने पिछले कुंभ को लेकर अपने अनुभव भी साझा किए।
कार्यक्रम का समन्वयन सीओ कुंभ मेला गीतांजलि सिंह जबकि संचालन रंजना बाजपेई का रहा। आईजी ने बताया कि कुंभ पर पूरी दुनिया की निगाहें हैं। ऐसे में इस आयोजन को बेहतर बनाने के लिए इलाहाबाद पुलिस की ओर से नित नई कवायद की जा रही है। इसी के तहत पिछले दिनों ‘मंथन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें कुंभ को बेहतर बनाने के संबंध में सुझाव देने के लिए आम नागरिकों को आमंत्रित किया गया था। इसी कड़ी में महिलाओं की राय जानने के लिए ‘आओ सहेली’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। बताया कि आयोजन में किसी तरह की कमी न रह जाए, इसके लिए आगे भी इस तरह के आयोजन किए जाएंगे। कार्यक्रम में सहायता मित्र मंडली, स्वदेशी जागरण मंच, परमार्थ सेवा, लायंस क्लब इलाहाबाद सिटी, इनरव्हील आदि संगठनों की महिला प्रतिनिधि शामिल हुईं। इसके अलावा डॉ. उर्मिला श्रीवास्तव, रागिनी चंदेल, पूजा गुप्ता, विनीता श्रीवास्तव, सत्या तिवारी, पूनम गुलाटी, किरन जयसवाल आदि उपस्थित रहीं।
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कार्यक्रम में महिलाआें द्वारा दिए गए कुछ सुझाव
स्नान घाट पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाया जाए
प्रदूषण मुक्त करने के लिए मेला क्षेत्र को पॉलीथीन फ्री जोन घोषित करें
पूजा सामग्री प्रवाहित करने के लिए अलग स्थल बनाया जाए
साफ-सफाई के लिए अभी से ही जागरूकता अभियान चलाए जाएं
अधिक से अधिक संख्या में महिला वालंटियर लगाई जाएं
सेनेटरी नैपकिन पैड वितरण की व्यवस्था कराई जाए
लोग भटकें नहीं, इसके लिए ज्यादा से ज्यादा साइनेज लगवाए जाएं
महिलाओं के लिए अलग से स्नान घाट बनवाए जाएं
कार्यक्रम में शामिल कुछ स्कूलों से जुड़ी शिक्षिकाओं ने नि:शुल्क कैरी बैग वितरण कराने का भी सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे पॉलीथीन के इस्तेमाल पर रोक लग सकेगी। साथ ही मेला क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त करने में आसानी होगी। इसके अलावा एक एनजीओ की पदाधिकारी ने कहा कि पुलिस विभाग चाहे तो उनकी ओर से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं के लिए रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर ही आईडी कार्ड बनाने की सुविधा दी जा सकती है। इससे इन महिलाओं के मेला क्षेत्र में बिछड़ने की स्थिति में परिवार से मिलाने में आसानी होगी।
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‘आओ सहेली’ नाम के इस कार्यक्रम का आयोजन पुलिस लाइन सभागार में रविवार शाम करीब सवा तीन बजे शुरू हुआ। इसमें बड़ी संख्या में समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाएं शामिल हुईं। जिनमें मेडिकल, शिक्षा, राजनीति, सामाजिक कार्य आदि से जुड़ीं महिलाएं शामिल थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर नगर आयुक्त ऋतु सुहास ने की। इस दौरान आईजी रमित शर्मा और एसएसपी नितिन तिवारी भी मौजूद रहे। ज्यादातर महिलाओं ने साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने और कुंभ क्षेत्र को नशा मुक्त करने के लिए विशेष कवायद की जरूरत बताई। करीब तीन घंटे तक चले कार्यक्रम में महिलाओं ने एक से बढ़कर एक सुझाव दिए। कई महिलाओं ने पिछले कुंभ को लेकर अपने अनुभव भी साझा किए।
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कार्यक्रम का समन्वयन सीओ कुंभ मेला गीतांजलि सिंह जबकि संचालन रंजना बाजपेई का रहा। आईजी ने बताया कि कुंभ पर पूरी दुनिया की निगाहें हैं। ऐसे में इस आयोजन को बेहतर बनाने के लिए इलाहाबाद पुलिस की ओर से नित नई कवायद की जा रही है। इसी के तहत पिछले दिनों ‘मंथन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें कुंभ को बेहतर बनाने के संबंध में सुझाव देने के लिए आम नागरिकों को आमंत्रित किया गया था। इसी कड़ी में महिलाओं की राय जानने के लिए ‘आओ सहेली’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। बताया कि आयोजन में किसी तरह की कमी न रह जाए, इसके लिए आगे भी इस तरह के आयोजन किए जाएंगे। कार्यक्रम में सहायता मित्र मंडली, स्वदेशी जागरण मंच, परमार्थ सेवा, लायंस क्लब इलाहाबाद सिटी, इनरव्हील आदि संगठनों की महिला प्रतिनिधि शामिल हुईं। इसके अलावा डॉ. उर्मिला श्रीवास्तव, रागिनी चंदेल, पूजा गुप्ता, विनीता श्रीवास्तव, सत्या तिवारी, पूनम गुलाटी, किरन जयसवाल आदि उपस्थित रहीं।
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कार्यक्रम में महिलाआें द्वारा दिए गए कुछ सुझाव
स्नान घाट पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाया जाए
प्रदूषण मुक्त करने के लिए मेला क्षेत्र को पॉलीथीन फ्री जोन घोषित करें
पूजा सामग्री प्रवाहित करने के लिए अलग स्थल बनाया जाए
साफ-सफाई के लिए अभी से ही जागरूकता अभियान चलाए जाएं
अधिक से अधिक संख्या में महिला वालंटियर लगाई जाएं
सेनेटरी नैपकिन पैड वितरण की व्यवस्था कराई जाए
लोग भटकें नहीं, इसके लिए ज्यादा से ज्यादा साइनेज लगवाए जाएं
महिलाओं के लिए अलग से स्नान घाट बनवाए जाएं
कार्यक्रम में शामिल कुछ स्कूलों से जुड़ी शिक्षिकाओं ने नि:शुल्क कैरी बैग वितरण कराने का भी सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे पॉलीथीन के इस्तेमाल पर रोक लग सकेगी। साथ ही मेला क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त करने में आसानी होगी। इसके अलावा एक एनजीओ की पदाधिकारी ने कहा कि पुलिस विभाग चाहे तो उनकी ओर से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं के लिए रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर ही आईडी कार्ड बनाने की सुविधा दी जा सकती है। इससे इन महिलाओं के मेला क्षेत्र में बिछड़ने की स्थिति में परिवार से मिलाने में आसानी होगी।