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कन्या उच्च प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय एक होंगे
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कन्या उच्च प्राथमिक, उच्च प्राथमिक बालक विद्यालय एक होंगे
प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित कन्या उच्च प्राथमिक और उच्च प्राथमिक बालक विद्यालयों को अब उच्च प्राथमिक विद्यालय के नाम से जाना जाएगा। प्रदेश में 501 कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय के रूप में संचालित हैं, जिसमें केवल बालिकाओं का प्रवेश होता था, 161 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में केवल बालकों का प्रवेश होता रहा है। अब इन विद्यालयों में बालक और बालिकाओं दोनों का नामांकन हो सकेगा। अभी तक इन विद्यालयों में बालक अथवा बालिका को ही प्रवेश दिया जाता रहा है। अब इन विद्यालयों में पुरुष अध्यापकों की नियुक्ति हो सकेगी।
प्रदेश के शिक्षा निदेशक (बेसिक) डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि अब प्रदेश के सभी बीएसए अपने-अपने जिले में स्थित उच्च प्राथमिक कन्या अथवा बालक विद्यालयों के नाम परिवर्तित कर उच्च प्राथमिक विद्यालय करें और इन विद्यालयों में पुरुष शिक्षकों की तैनाती की जाए। सभी उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं का नामांकन किया जाएगा। निदेशक की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली 2011 में भी कन्या उच्च प्राथमिक पृथक से संचालित करने का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बालकों के नामांकन तथा ऐसे उच्च प्राथमिक विद्यालयों जिसमें मात्र बालकों का नामांकन है, उसमें बालिकाओं का भी नामांकन कराया जाना उचित होगा। इस प्रकार अन्य उच्च प्राथमिक विद्यालयों की तरह इन विद्यालयों में भी बालक-बालिकाओं को अध्ययन का समान अवसर उपलब्ध होगा, इससे छात्र नामांकन में वृद्धि होगी।
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प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित कन्या उच्च प्राथमिक और उच्च प्राथमिक बालक विद्यालयों को अब उच्च प्राथमिक विद्यालय के नाम से जाना जाएगा। प्रदेश में 501 कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय के रूप में संचालित हैं, जिसमें केवल बालिकाओं का प्रवेश होता था, 161 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में केवल बालकों का प्रवेश होता रहा है। अब इन विद्यालयों में बालक और बालिकाओं दोनों का नामांकन हो सकेगा। अभी तक इन विद्यालयों में बालक अथवा बालिका को ही प्रवेश दिया जाता रहा है। अब इन विद्यालयों में पुरुष अध्यापकों की नियुक्ति हो सकेगी।
प्रदेश के शिक्षा निदेशक (बेसिक) डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि अब प्रदेश के सभी बीएसए अपने-अपने जिले में स्थित उच्च प्राथमिक कन्या अथवा बालक विद्यालयों के नाम परिवर्तित कर उच्च प्राथमिक विद्यालय करें और इन विद्यालयों में पुरुष शिक्षकों की तैनाती की जाए। सभी उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं का नामांकन किया जाएगा। निदेशक की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली 2011 में भी कन्या उच्च प्राथमिक पृथक से संचालित करने का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बालकों के नामांकन तथा ऐसे उच्च प्राथमिक विद्यालयों जिसमें मात्र बालकों का नामांकन है, उसमें बालिकाओं का भी नामांकन कराया जाना उचित होगा। इस प्रकार अन्य उच्च प्राथमिक विद्यालयों की तरह इन विद्यालयों में भी बालक-बालिकाओं को अध्ययन का समान अवसर उपलब्ध होगा, इससे छात्र नामांकन में वृद्धि होगी।
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