गणपति महोत्सव : महंगाई की मार, 35 वाली बप्पा की मूर्ति 40 हजार के पार, रंग से लेकर मिट्टी तक सब के भाव बढ़े
शहर में चार जगह मूर्तिकार गणेश मूर्तियों को बना रहे हैं। कोलकाता और मुंबई से भी कारीगर आए हैं। कोलकाता से आए मूर्तिकार गौतम पाल बताते हैं कि इतनी महंगाई है कि श्रमिकों का खर्चा निकालना भी मुश्किल हो गया है। इस बार अयोध्या के तर्ज पर गणेश की मूर्ति बनाने की ज्यादा मांग है। इस वजह से भी दाम बढ़ाए गए हैं।
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महालक्ष्मी जिनके साथ हमेशा रहती हैं, उन विघ्नहर्ता भगवान गणेश की मूर्तियों पर महोत्सव में महंगाई की मार है। प्रतिमाओं के दाम आसमान छू रहे हैं। वजह है श्रमिकों का खर्चा निकालना, रंग, मिट्टी और बांस तक के दामों में तेजी आना। पिछले वर्ष 11 फीट की जो गणेश मूर्ति 35 हजार रुपये में मिल रही थी, उसके दाम इस वर्ष 45 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं।
शहर में चार जगह मूर्तिकार गणेश मूर्तियों को बना रहे हैं। कोलकाता और मुंबई से भी कारीगर आए हैं। कोलकाता से आए मूर्तिकार गौतम पाल बताते हैं कि इतनी महंगाई है कि श्रमिकों का खर्चा निकालना भी मुश्किल हो गया है। इस बार अयोध्या के तर्ज पर गणेश की मूर्ति बनाने की ज्यादा मांग है। इस वजह से भी दाम बढ़ाए गए हैं।
मूर्तिकार कुशी पाल ने बताया कि पर्यावरण को ध्यान में रखकर प्लास्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमाएं इस बार नहीं बनाई जा रही हैं। गांव समेत शहरी क्षेत्रों में भी अधिक स्थानों पर पंडाल बनाकर गणेश मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इस बार भी मूर्तियों की कीमत आकार के अनुसार रखी गई है।
दो हजार से लेकर 55 हजार रुपये तक की मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। हालांकि, महंगाई को छोड़कर सात सितंबर से गणेशोत्सव की धूम मचने जा रही है। इस बार भी पंडालों में अलग-अलग रूप में बप्पा दर्शन देंगे। बैरहना और गणपति उत्सव मंडल के तहत भी शनिवार को विधि-विधान से पूजन होगा। इसी तरह अलोपीबाग स्थित महाराष्ट्र लोक सेवा मंडल की ओर से भी इस बार भव्य गणेशोत्सव होगा।
मुंबई-कोलकाता की मूर्तियां ले जा रहे घर
मुंबई व कोलकाता से विशेष तौर पर लाई गईं गणेश की मूर्तियां हर बार से ज्यादा सजी-धजी हैं। मुंबई की मूर्तियां भी इस बार कहीं ज्यादा डिजाइनर हैं। नाव पर सवार गजानन, सिंहासन पर विराजे गणपति देख हर कोई उन्हें घर ले जाना चाह रहा है। इन सभी की कीमत साइज के हिसाब से है। 2000, 3300, 4100, 5100 के अलावा 55000 रुपये तक की कीमत में मिल रही है।
मिट्टी, रंग, कलर के महंगे होने से भी बढ़े दाम
मूर्तिकार संजय पाल ने बताया कि हर चीज महंगी होती जा रही है। ऐसे में श्रमिकों पर भी महंगाई की मार पड़ रही है। मूर्ति बनाने में कलर, बांस, मिट्टी आदि चीजों का उपयोग होता है।
साइज रुपये
तीन फीट 2000 रुपये
पांच फीट 4100 रुपये
आठ फीट 6000 रुपये
10 फीट 45 हजार रुपये