प्रयागराजः प्रतियोगी परीक्षा पास कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, साढ़े 61 लाख बरामद
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एसटीएफ प्रयागराज ने लखनऊ में प्रतियोगी परीक्षाएं पास कराने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 61 लाख बरामद हुए हैं। गिरोह ने 18 अभ्यर्थियों को राजस्थान सबार्डिनेट सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा में पास कराया था। उन्हीं अभ्यर्थियों से लिए गए रुपयों के साथ पांचों को पकड़ा गया। इनमें से दो रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी के कर्मचारी हैं। राजस्थान के दो आरोपियों को वांटेड किया गया है।
एसटीएफ की टीम ने एक सूचना के आधार पर शुक्रवार को लखनऊ के जनेश्वर मिश्रा पार्क के गेट नंबर दो के पास से आजमगढ़ (हाल पता इंदिरा नगर लखनऊ) के विनोद कुमार गौड़, शादान खान निवासी बहराइच (हाल पता अमीनाबाद, लखनऊ), पंकज कुमार गुप्ता निवासी कर्नलगंज प्रयागराज, कमल किशोर यादव निवासी मेंहदौरी प्रयागराज और अजीत कुमार निवासी रेल बाजार जौनपुर को गिरफ्तार किया गया।
पंकज गुप्ता और अजीत कुमार सरकारी अध्यापक हैं और कमल किशोर जीएसटी (प्रयागराज) में संग्रह अमीन के पद पर कार्यरत है। विनोद गौड़ और शादान कंप्यूटर आपरेटर हैं। यह दोनों जिस एजेंसी को डाटा इंट्री और रिजल्ट तैयार करने का टेंडर मिला था, उसके कर्मचारी हैं।
उनके पास से 61 लाख 50 हजार रुपये, एक प्रश्न पुस्तिका और दो ओएमआर शीट, 14 प्रवेश पत्र, साक्षात्कार सूची, 9 प्रमाणपत्र और प्रश्न पत्र और व्हाट्सएप चैटिंग के 68 स्क्रीन शाट बरामद हुए। गिरोह के लोग राजस्थान सबार्डिनेट सर्विस सेलेक्शन बोर्ड समेत तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए आठ से नौ लाख लेते थे। वह अभ्यर्थियों से ओएमआर शीट खाली छोड़वा देते थे।
बाद में डेटा इंट्री एजेंसी में ओएमआर शीट भर दी जाती थी। ऐसे ही 18 अभ्यर्थियों को राजस्थान सर्विस सेलेक्शन की परीक्षा पास कराई गई थी। उन्हीं से 61 लाख 50 हजार रुपये लिए गए। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि राजस्थान के रमेश मीणा और धर्मेंद्र मीणा को वांटेड किया गया है। उनकी तलाश की जा रही है।