Ganga Expressway Accident : बचपन के साथी थे अनुपम, उदय और विजय, पूरे गांव की आंखें नम
जाफरपुर-बाबूगंज के रहने वाले अनुपम गुप्ता, उदय सिंह और विजय दोस्त थे। गांव के लोगों के अनुसार तीनों अक्सर साथ दिखाई देते थे और एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी थे। हादसे के बाद गांव में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि जिन दोस्तों ने साथ सफर शुरू किया था, उनकी अंतिम यात्रा भी लगभग साथ ही निकलेगी।
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जाफरपुर-बाबूगंज के रहने वाले अनुपम गुप्ता, उदय सिंह और विजय दोस्त थे। गांव के लोगों के अनुसार तीनों अक्सर साथ दिखाई देते थे और एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी थे। हादसे के बाद गांव में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि जिन दोस्तों ने साथ सफर शुरू किया था, उनकी अंतिम यात्रा भी लगभग साथ ही निकलेगी।
शनिवार को तीनों की अर्थियां एक साथ उठेगी। गांव के पूर्व प्रधान राम लखन उर्फ बुलबुल, समाजसेवी डॉ. राकेश केसरवानी, नीरज का कहना है कि इस तरह का दर्दनाक दृश्य शायद ही किसी ने पहले देखा हो। सुबह हंसते-मुस्कुराते घर से निकले थे, शाम तक मौत की खबर आ गई। पूरे गांव ने अपने तीन बेटे खो दिए हैं। पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
अनुपम गुप्ता बाबूगंज यादव तिराहा पर गुप्ता मोबाइल एंड इंटरनेट नाम से दुकान चलाते थे। शादीशुदा अनुपम परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। हादसे की खबर मिलने के बाद उनके घर और दुकान पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
दो बेटों और बेटी के सिर से उठा पिता का साया
फूलपुर। विजय टेंट हाउस का व्यवसाय करते थे और परिवार के मुख्य सहारा थे। उनके निधन से पत्नी सुनीता गहरे सदमे में हैं। विजय अपने पीछे दो बेटे मयंक और ईशांत तथा बेटी इशिका को छोड़ गए हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि बच्चों के भविष्य की चिंता अब सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।
उदय सिंह की मौत से पत्नी खुशी बेसुध
उदय सिंह फुटवियर का कारोबार करते थे। उनकी पत्नी खुशी और दो वर्षीय पुत्र आयुष का हाल बेहाल है। गांव वालों के अनुसार उदय मेहनती और जिम्मेदार युवक थे। उनकी असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। मासूम बेटे को अभी यह भी नहीं पता कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है।
प्रतापगढ़ से उन्नाव के लिए रवाना हुए परिजन
प्रतापगढ़ जिले के मानधाता निवासी अमन कश्यप अपनी बुआ के घर बाबूगंज आए थे। दोस्तों के साथ घूमने का कार्यक्रम बना तो वह भी साथ हो लिए। अमन अविवाहित थे और परिवार की उम्मीदों का केंद्र थे। हादसे की खबर मिलते ही प्रतापगढ़ स्थित उनके घर में भी मातम छा गया और परिजन उन्नाव के लिए रवाना हो गए।
एक फोन कॉल ने उजाड़ दिए चार परिवार
दोपहर बाद जब परिजनों के मोबाइल पर हादसे की सूचना पहुंची तो किसी को पहले दुर्घटना और फिर मौत की खबर मिली। कुछ ही मिनटों में पूरे गांव में खबर फैल गई। लोग अपने काम छोड़कर मृतकों के घरों की ओर दौड़ पड़े।
किसी का इकलौता बेटा तो किसी का था परिवार का सहारा
चारों युवकों की मौत ने परिवारों को सदमे में डाल दिया है। जाफरपुर बाबूगंज निवासी अनुपम गुप्ता स्नातक थे और गांव की पुरानी मोबाइल व इंटरनेट दुकान चलाते थे। उनके पिता अजय कुमार गुप्ता कोलकाता में एलआईसी एजेंट हैं। दो वर्ष पहले उनकी शादी भदरी (कुंडा) प्रतापगढ़ निवासी प्रिया से हुई थी, वह घटना के समय मायके में थीं।
विजय पटेल स्नातक शिक्षित थे और टेंट हाउस का कारोबार करते थे। उनके बड़े भाई रोशन पटेल शव लेने के लिए उन्नाव गए हैं। हादसे में मृतक उदय पटेल उर्फ बाबूजी, विजय के चचेरे भतीजे थे। आईटीआई के बाद उन्होंने गुजरात में इफको में अप्रेंटिसशिप की थी और एक वर्ष पहले घर लौटकर फुटवियर की दुकान संभाल रहे थे। वह अपने पिता के इकलौते बेटे थे। उनकी शादी हो चुकी थी और उनका एक छोटा बेटा है। शव लेने के लिए उनके पिता उन्नाव गए हैं। वहीं, अमन कश्यप प्रतापगढ़ के मानधाता निवासी और बाबूगंज के राकेश दूरिया के रिश्तेदार थे।