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Prayagraj News: गंगा और यमुना फिर उफान पर, झूंसी के कछारी गांवों में घुसा पानी
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गंगा और यमुना नदी एक बार फिर उफान पर है। इसी के चलते पखवाड़े भर के भीतर दोबारा झूंसी के डेढ़ दर्जन कछारी गांवों में फिर बाढ़ का पानी दाखिल हो गया है। मंगलवार की भोर में बाढ़ के पानी ने झूंसी के बदरा-सोनौटी मार्ग को अपनी चपेट में पूरी तरह ले लिया। इससे डेढ़ दर्जन से ज्यादा कछारी गांवों का संपर्क दोबारा टूट गया। कुछ घंटे बाद ही इस मार्ग पर दो और चार पहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप पड़ गई। बाढ़ की चपेट में आने से सैकड़ों बीघे धान फसल भी बर्बाद हो गई है।
बुधवार रात तक हालात और भयावह होने की आशंका है। प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की सालभर की कमाई भी चौपट हो गई है। बाढ़ के कारण बदरा, सोनौटी, ढोलबजवा, बहादुरपुर, गंजिया, समेत डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया था। ग्रामीणों के आवागमन के लिए दोपहर बाद प्रशासन की ओर से चार छोटी नावें चलाई गई थीं। गंगा तट से सटे नई तथा पुरानी झूंसी के इलाके में भी बाढ़ ने दहशत फैला रखी है।
बदरा मार्ग से गुजरते वक्त बाढ़ में फंस गया डीसीएम
बाढ़ ने मंगलवार की भोर में ही बदरा-सोनौटी मार्ग को अपनी चपेट में ले लिया था। सुबह बाढ़ ने पूरी तरह से मार्ग को अपनी जद में ले लिया था। इसी बीच भोर में एक डीसीएम वहां से निकलने लगा लेकिन बाढ़ का पानी ज्यादा होने के कारण वह बीच में ही फंस गया।
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महाकुंभ में बने करोड़ों के घाट और एसटीपी भी बाढ़ में डूबे
महाकुंभ में बने करोड़़ों के स्नान घाट और एसटीपी भी बाढ़ की चपेट में आकर डूब गए हैं। महाकुंभ के दौरान झूंसी के छतनाग में एक और स्नान घाट तैयार किया गया था। इसके साथ ही दो और स्नान घाट बाढ़ में पूरी तरह डूब गए थे।
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बुधवार रात तक हालात और भयावह होने की आशंका है। प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की सालभर की कमाई भी चौपट हो गई है। बाढ़ के कारण बदरा, सोनौटी, ढोलबजवा, बहादुरपुर, गंजिया, समेत डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया था। ग्रामीणों के आवागमन के लिए दोपहर बाद प्रशासन की ओर से चार छोटी नावें चलाई गई थीं। गंगा तट से सटे नई तथा पुरानी झूंसी के इलाके में भी बाढ़ ने दहशत फैला रखी है।
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बदरा मार्ग से गुजरते वक्त बाढ़ में फंस गया डीसीएम
बाढ़ ने मंगलवार की भोर में ही बदरा-सोनौटी मार्ग को अपनी चपेट में ले लिया था। सुबह बाढ़ ने पूरी तरह से मार्ग को अपनी जद में ले लिया था। इसी बीच भोर में एक डीसीएम वहां से निकलने लगा लेकिन बाढ़ का पानी ज्यादा होने के कारण वह बीच में ही फंस गया।
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महाकुंभ में बने करोड़ों के घाट और एसटीपी भी बाढ़ में डूबे
महाकुंभ में बने करोड़़ों के स्नान घाट और एसटीपी भी बाढ़ की चपेट में आकर डूब गए हैं। महाकुंभ के दौरान झूंसी के छतनाग में एक और स्नान घाट तैयार किया गया था। इसके साथ ही दो और स्नान घाट बाढ़ में पूरी तरह डूब गए थे।