Comedian Raju Srivastav : हर न्योते पर संगम नगरी खिंचे चले आते थे ‘गजोधर भैया’
कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट की ओर से फिराक की याद में वर्ष 2012 में केपी कॉलेज मैदान पर हुए कार्यक्रम में राजू ने जमकर हंसाया, गुदगुदाया था। ट्रस्ट के तत्कालीन अध्यक्ष टीपी सिंह कहते हैं, राजू का वह कार्यक्रम हमेशा यादगार रहेगा।
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हंसी-ठहाकों के पर्याय कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव उर्फ ‘गजोधर भैया’ सभी को रुला कर चले गए। उनका प्रयागराज से सीधा कोई रिश्ता तो नहीं रहा, लेकिन यह शहर हमेशा उन्हें आकर्षित और आमंत्रित करता रहा। वह यहां के हर बुलावे पर आना नहीं भूले। उदास गीतकार यश मालवीय ने उन्हें यूं विदा किया... जाने की जल्दी थी तुमको/करता भी क्या वेंटिलेटर/आखिर तुम भी गए गजोधर!
कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट की ओर से फिराक की याद में वर्ष 2012 में केपी कॉलेज मैदान पर हुए कार्यक्रम में राजू ने जमकर हंसाया, गुदगुदाया था। ट्रस्ट के तत्कालीन अध्यक्ष टीपी सिंह कहते हैं, राजू का वह कार्यक्रम हमेशा यादगार रहेगा। उनके जैसा कलाकार कहां मिलेगा। इससे पहले वर्ष 2010 में यमुना बैंक रोड पर हुए त्रिवेणी महोत्सव का हिस्सा बनकर राजू ने जमकर हंसाया था। ट्रिपल आईटी की ओर से टैगोर टाउन स्थित बंशी भवन में हुए कार्यक्रम में भी राजू बड़े भाई की तरह छात्र-छात्राओं को जीने की राह दिखाते रहे।
केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह बोले, राजू समाज की आन, बान, शान थे और अद्भुत प्रतिभा के धनी भी। सपा नेता अजय श्रीवास्तव के बुलावे पर राजू वर्ष 2001 में तेलियरगंज में हुए बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलन और फिर 2002 में विस चुनाव में उनके प्रचार के लिए आए। अजय कहते हैं, पांच दिनों तक परिवारी सदस्य की तरह घर पर रुके। शहर घूमे, संगम स्नान और बड़े हनुमान का दर्शन भी किए। प्रयागराज आते तो रिश्ते में बहनोई और गायक मनोज श्रीवास्तव के घर भी जाते।
सिराथू से विस चुनाव लड़े केशव प्रसाद मौर्य के समर्थन में इसी साल प्रचार करने आए थे। वर्ष 2020 में उनके बेटे योगेश मौर्य के आमंत्रण पर कौड़िहार में लोगों को जमकर हंसाया था। वर्ष 2013 में संगम की रेती पर हुई सांस्कृतिक संध्या ‘चलो मन गंगा यमुना तीर’ समेत अन्य अवसरों पर भी राजू आना और हंसाना, नहीं भूले। उनके निजी सचिव अजीत सक्सेना बोले, प्रयागराज से उनका गहरा लगाव था। आगामी कुंभ में आना उनका सपना था, जो अब कभी नहीं पूरा हो सकेगा।