फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   From Loknath to Civil Line left Katra, the world of taste resides

स्वाद की गलियां : लोकनाथ से लेकर सिविल लाइन और कटरा तक में बसा स्वाद का संसार, चटखारों की लगती है लंबी कतार

Fri, 16 Jun 2023 11:22 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 16 Jun 2023 11:22 AM IST
सार

संगम, कुंभ, हाईकोर्ट, इलाहाबाद विश्वविद्यालय की जब भी चर्चा होती है तो इस शहर का नाम बड़े अदब से लिया जाता है। लेकिन यह नगरी अपने बेहतरीन व पारंपरिक खानपान के लिए भी खूब जानी जाती है। खासकर पुराना शहर, जहां की तंग गलियों में विविध पकवान बनते हैं।

विज्ञापन
From Loknath to Civil Line left Katra, the world of taste resides
प्रयागराज के व्यंजन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कला, संस्कृति, साहित्य, राजनीति और धर्म के क्षेत्र में अपनी समृद्ध पताका फहराने वाली संगम नगरी, खानपान के अखाड़े में भी मजबूत पकड़ रखती है। गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के तीरे बसी इस नगरी (अब प्रयागराज, पहले इलाहाबाद) की गली-गली स्वाद का खजाना समेटे हुए है। इनमें से कई गलियां, चटोरी गलियों के नाम तक से जानी जाती हैं। यहां के चटखारे बेमिसाल हैं। इनके दीवानों की लंबी कतार है। 

विज्ञापन


संगम, कुंभ, हाईकोर्ट, इलाहाबाद विश्वविद्यालय की जब भी चर्चा होती है तो इस शहर का नाम बड़े अदब से लिया जाता है। लेकिन यह नगरी अपने बेहतरीन व पारंपरिक खानपान के लिए भी खूब जानी जाती है। खासकर पुराना शहर, जहां की तंग गलियों में विविध पकवान बनते हैं। लोकनाथ की तो बात ही निराली है। इसे स्वाद की गली कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी।
विज्ञापन


यहां हरी नमकीन, मातादीन की गजक, राजाराम लस्सी वाले से लेकर खानपान के छोटे-बड़े ऐसे तमाम प्रतिष्ठïान हैं, जो 100 साल से भी अधिक का इतिहास समेटे हुए हैं। इन नामों की धमक देश के साथ विदेशों तक में है। बाहर से प्रयागराज आने वाले बिना इन स्वाद के अड्डों पर आए, अपनी यात्रा अधूरी समझते हैं। शहरियों की तो जुबां पर इनके नाम रटे हुए हैं। लोग चौक इलाके में आने के बहाने खोजते हैं। यहां शाम ढलते ही लजीज स्ट्रीट फूड की बाजार गुलजार हो उठती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

From Loknath to Civil Line left Katra, the world of taste resides
रसगुल्ला

लजीज व्यंजनों के लिए जाना जाता है पुराना शहर

छोटे-छोटे ठेलों पर बिकने वाले आलू-पनीर के कटलेट खाने के लिए लोग शहर के हर हिस्से से खिंचे चले आते हैं। गर्मी हो या बरसात या फिर ठंड का मौसम, यहां की गलियां अपने लजीज खानपान सामग्रियों के चलते स्वाद के दीवानों के आकर्षण में बनी रहती हैं। दूसरे देशों में बसे यहां के खानपान के प्रेमी, कुरियर के माध्यम तक से हरी व मातादीन जैसे प्रतिष्ठïानों के उत्पादों का लुत्फ उठाते हैं।    
      
पुराने शहर के दूसरे छोर पर बसे सबसे पॉश इलाके सिविल लाइंस, उससे आगे कटरा, कर्नलगंज, तेलियरगंज होते हुए फाफामऊ और दूसरी ओर धूमनगंज से लेकर गंगा किनारे बसे झूंसी और यमुना किनारे बसे नैनी तक की गलियां व चौराहे भी अपने तरह-तरह के लजीज व्यंजनों के लिए जाने जाते हैं। पुराने शहर के लोकनाथ की तरह कटरा इलाका भी अपनी चटोरी गलियों के लिए जाना जाता है। इस इलाके में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की मौजूदगी से छात्रों की बड़ी संख्या है। ऐसे में यहां स्ट्रीट फूड की धमक सिर चढक़र बोलती है। यहां बंद-मक्खन से लेकर कचौड़ी-पूड़ी, छोला-भटूरा और चाट की दुकानों की लंबी फेहरिश्त है।

From Loknath to Civil Line left Katra, the world of taste resides
पंडितजी चाट भंडार। - फोटो : अमर उजाला।

पंडितजी चाट भंडार में पूरे शहर से आते हैं लोग

चाट की कई नामचीन दुकानें शहर के इसी हिस्से में हैं। कर्नलगंज के पंडित जी चाट वाले हों या फिर सुनील चाट कॉर्नर, यहां पुराने शहर तक से लोग खुद को आने से नहीं रोक पाते हैं। कटरा चौराहे पर स्थित नेतराम की मिठाइयों व कचौड़ी के दीवाने भी कम नहीं हैं। लोकनाथ व कटरा को मध्यम व निम्न मध्यम वर्गीय वर्ग की जेब के हिसाब वाला बाजार माना जाता हैं।

यहां के लजीज व्यंजनों को छकने के लिए आते तो बड़े-बड़े लोग हैं लेकिन यहां सामान्य से सामान्य व्यक्ति के स्वाद का भी भरपूर इंतजाम है। कटरा, कर्नलगंज से आगे बालसन, सोहबतिया बाग, मधवापुर सब्जी मंडी (सीएमपी डिग्री कॉलेज से आगे) व मेडिकल चौराहा तथा अलोपीबाग तक स्वाद के तमाम स्वादिष्टï अड्डे हैं। इन्हीं में से देहाती रसगुल्ला, जायसवाल डोसा, केसरवानी चाट के चाहने वाले लाखों में हैं। वहीं, सिविल लाइंस स्थित पुराना कॉफी हाउस, एलचिको, कामधेनु स्वीट्स, पैराडाइज और हीरा हलवाई जैसे स्वाद के  अड्डों की धमक भी दूर-दूर तक है। वेज के साथ-साथ नॉनवेज प्रेमी भी दिन में एक न एक चक्कर जरूर इन इलाकों का लगा जाते हैं। 

From Loknath to Civil Line left Katra, the world of taste resides
लस्सी - फोटो : Social Media

स्वाद के यह नाम हर जुबां पर रटे 
हरी नमकीन, मातादीन की गजक, राजाराम लस्सी, देहाती रसगुल्ला, हीरा हलवाई, नेतराम, सुलाकी, पंडित जी की चाट, केसरवानी चाट, चंद्रलोक चौराहे की कचौड़ी, कामधेनु स्वीट्स, तंदूर, बाबा बिरयानी, पैराडाइज, एलचिको, पुराना कॉफी हाउस, सागर रत्ना आदि।      

स्वाद के अड्डों में कई नए नाम भी जुड़े 
सिविल लाइंस इलाके में देखते ही देखते स्वाद के कई बड़े अड्डïे खुल गए हैं। इनमें फास्ट फूड से लेकर खानपान के कई अन्य दूसरे प्रतिष्ठïान शामिल हैं। इस फेहरिश्त में बीकानेरवाला, हल्दीराम, डोमिनोज, मैकडोनल, केएफसी, आर्यन, बाटी-चोखा जैसे कई नाम जुड़ गए हैं।    

From Loknath to Civil Line left Katra, the world of taste resides
गजक
देखन में छोटन लगें, स्वाद दें लजीज 
खानपान की दुनिया में शहर के जिन नामों की गूंज देश-दुनिया में है, उनमें से ज्यादातर प्रतिष्ठïान देखने में बड़े ही छोटे-छोटे हैं। क्या हरी नमकीन, मातादीन की गजक, राजाराम की लस्सी और क्या हीरा हलवाई और देहाती रसगुल्ला, सब के सब तंग से कमरेनुमा दुकान में स्वाद की सुर्खियां बंटोर रहे हैं। इनका नाम, इनके उत्पादों का स्वाद और कमाई, बड़े-बड़े प्रतिष्ठïानों को पछाड़े हुए है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed