मुश्किल में वोल्गा : फेसबुक पर हुई दोस्ती खींच लाई रूस से दिल्ली, प्रेमी ने दिया धोखा, भटकते हुए पहुंच गई प्रतापगढ़
प्रतापगढ़ जंक्शन पर वोल्गा तीन दिन पहले बुधवार को भटकती हुई मिली थी। वह रात में कुछ देर तक प्लेटफार्म पर टहलती रही। कुछ लोगों से बातचीत का प्रयास किया मगर, किसी को उसकी भाषा समझ में नहीं आ रही थी।
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फेसबुक पर दोस्ती, तीन वर्षों का रिश्ता और फिर मिला धोखा। एक दिन प्रेमी पासपोर्ट और वीजा लेकर गायब हो गया। इसके बाद शुरू हुई प्रेमी की तलाश। यही तलाश रूस की वोल्गा को प्रतापगढ़ ले आई। प्रतापगढ़ में पुलिस-प्रशासन के अफसरों ने उसकी मदद की और दिल्ली में रशियन दूतावास तक पहुंचाया, लेकिन परेशानी यह है कि दूतावास ने वोल्गा को अपनी सुपुर्दगी में लेने से इंकार कर दिया है। वोल्गा घर लौटना चाहती है, लेकिन उसके पहचान संबंधी दस्तावेज गायब हैं। अब वोल्गा को नारी निकेतन में रखा जाएगा। जब तक कि उसके कागजात नहीं मिल जाते।
प्रतापगढ़ जंक्शन पर वोल्गा तीन दिन पहले बुधवार को भटकती हुई मिली थी। वह रात में कुछ देर तक प्लेटफार्म पर टहलती रही। कुछ लोगों से बातचीत का प्रयास किया मगर, किसी को उसकी भाषा समझ में नहीं आ रही थी। विदेशी महिला को प्लेटफार्म पर घूमते देख लोग उसे घेरे रहे। जानकारी मिलने पर जीआरपी पहुंची मगर, तब तक वह बाहर निकलकर एक दुकान पर पहुंच गई थी। इस पर पुलिस ने उसे वन स्टाप सेंटर पहुंचाया।
महिला से बातचीत करने के लिए पुलिस अफसर भी वन स्टाप सेंटर पहुंचे मगर, रूसी भाषा किसी की समझ में नहीं आ रही थी। बृहस्पतिवार दोपहर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने जिले में रहने वाले रूस के नागरिकों के बारे में जानकारी जुटाई। इस दौरान ही पट्टी के रहने वाले डॉ. आनंद त्रिपाठी के बारे में पता चला। डॉक्टर आनंद की पत्नी रूसीने मकरचियाम आर्मोनिया की रहने वाली हैं। वोल्गा से उनकी फोन पर बात कराई गई। तब जाकर वोल्गा को मिले धोखे की कहानी पुलिस को पता लगी।
दूतावास ने अपनी सुपुर्दगी में लेने से किया इनकार
अधिकारियों ने रशियन दूतावास से संपर्क करने के बाद बोल्गा की बाबत टेलीग्राम भेजा। उसके पास मिले थैले में रुपये भी थे। गरीबरथ एक्सप्रेस से एक दरोगा और तीन पुलिसकर्मी वोल्गा के साथ दिल्ली रवाना किए गए। शुक्रवार को दिनभर पुलिस उसे लेकर रशियन दूतावास में भटकती रही। वोल्गा के पास जो कागजात थे, वे असली दस्तावेज की छाया प्रति थे। जिसके कारण दूतावास के अधिकारियों ने उसे अपनी सुपुर्दगी में लेने से इनकार कर दिया।
इससे परेशान पुलिस उसे नजदीकी थाने ले जाने लगी, लेकिन वोल्गा दूतावास से निकलने के लिए राजी नहीं थी। बाद में नजदीकी थाने की पुलिस पहुंची और उसे जबरन लेकर बाहर आई वोल्गा को विदेशी पंजीकरण अधिकारी कार्यालय ले जाया गया। यहां से भी महिला की बाबत अभिलेख भेजे गए। पुलिस टीम विदेशी महिला को लेकर इस कार्यालय से उस कार्यालय भटकती रही। लेकिन वोल्गा को अब तक न तो उसका प्रेमी मिला है और न ही घर लौटने की राह।
तीन साल पहले आई थी दिल्ली
वोल्गा के मोबाइल में प्रेमी के साथ किए गए चैट मिले हैं। वह दिल्ली के एक युवक के संपर्क में फेसबुक के जरिए आई थी। इसके बाद दोनों के बीच लगातार चैटिंग होती रही। दोनों के प्यार की कहानी भी मोबाइल के चैट में मिली। बोल्गा के अनुसार, मार्च 2019 में वह दिल्ली आई। प्रेमी युवक के साथ वह दिल्ली में रहती थी।
न्यूरो पैथॉलाजिस्ट है वोल्गा
रूसी महिला वोल्गा न्यूरो पैथॉलाजिस्ट भी हैं। आर्मेनिया की रहने वाली रूसीने मकरचियाम से बातचीत के दौरान वोल्गा ने अपने बारे में जानकारी दी। आपबीती सुनाते हुए उसकी आंखों से आंसू निकलते रहे।