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Prayagraj News: जिले के सात बैंक खातों से 12 राज्यों में भेजी ठगी की रकम, दो पर एफआईआर
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जिले के सात बैंक खातों से देश के 12 राज्यों में साइबर ठगी की रकम भेजी गई है। साइबर पुलिस की जांच में ठगी के करोड़ों रुपये यूपी, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ समेत अन्य राज्यों में भेजे गए हैं। वहीं, म्योराबाद निवासी पदिलम दिवाकर राव और कीडगंज के कृष्णा नगर निवासी अर्पित जायसवाल की भूमिका संदिग्ध मिलने पर साइबर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
साइबर क्राइम सेल के उपनिरीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने समन्वय पोर्टल पर प्रयागराज से संचालित संदिग्ध बैंक खातों की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि सात खातों के लेनदेन के खिलाफ 12 राज्यों से शिकायतें दर्ज हुई हैं।
बैंकों से प्राप्त अभिलेखों में चार खाते पदिलम दिवाकर राव के नाम से जुड़े मिले। जांच में सामने आया कि उसके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल दूसरे व्यक्ति आशुतोष कुजूर के बैंक खाते के संचालन में भी किया जा रहा था। वहीं तीन अन्य संदिग्ध खाते कीडगंज निवासी अर्पित जायसवाल से जुड़े पाए गए।
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डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण में पुलिस को पता चला कि पदिलम दिवाकर राव और अर्पित जायसवाल एक-दूसरे के संपर्क में थे। दोनों साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले म्यूल अकाउंट नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। दोनों आरोपियों के बैंक खातों के वित्तीय लेनदेन समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है ताकि अन्य अपराधियों तक पहुंचा जा सके।
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साइबर क्राइम सेल के उपनिरीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने समन्वय पोर्टल पर प्रयागराज से संचालित संदिग्ध बैंक खातों की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि सात खातों के लेनदेन के खिलाफ 12 राज्यों से शिकायतें दर्ज हुई हैं।
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बैंकों से प्राप्त अभिलेखों में चार खाते पदिलम दिवाकर राव के नाम से जुड़े मिले। जांच में सामने आया कि उसके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल दूसरे व्यक्ति आशुतोष कुजूर के बैंक खाते के संचालन में भी किया जा रहा था। वहीं तीन अन्य संदिग्ध खाते कीडगंज निवासी अर्पित जायसवाल से जुड़े पाए गए।
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डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण में पुलिस को पता चला कि पदिलम दिवाकर राव और अर्पित जायसवाल एक-दूसरे के संपर्क में थे। दोनों साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले म्यूल अकाउंट नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। दोनों आरोपियों के बैंक खातों के वित्तीय लेनदेन समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है ताकि अन्य अपराधियों तक पहुंचा जा सके।