Prayagraj : ठगी के रुपयों से जालसाजों ने दिल्ली में खोले दो नाइट क्लब, सीज करने की तैयारी
डीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि ठगी के मास्टरमाइंड संदीप और साहिल की दोस्ती करीब आठ महीने पहले ही हुई थी। इसके बाद दोनों ने दिल्ली नाइट क्वीन बार एंड रेस्टोरेंट और मेट्रो व्यू बार एंड रेस्टोरेंट नामक दो नाइट क्लब खोले।
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सेवानिवृत्त इंजीनियर से ठगने वाले जालसाज संदीप कुमार सेन और मोहम्मद साहिल से पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस जांच में पता चला कि दोनों आरोपी अब तक कई लोगों से लगभग डेढ़ करोड़ ठग चुके हैं। इन्हीं रुपयों से ही दोनों ने दिल्ली स्थित पहाड़गंज में दो नाइट क्लब खोले हैं।
डीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि ठगी के मास्टरमाइंड संदीप और साहिल की दोस्ती करीब आठ महीने पहले ही हुई थी। इसके बाद दोनों ने दिल्ली नाइट क्वीन बार एंड रेस्टोरेंट और मेट्रो व्यू बार एंड रेस्टोरेंट नामक दो नाइट क्लब खोले। इन दोनों ही बार को लीज पर लिया गया है। इतना ही नहीं, पुलिस को गुमराह करने के लिए इसमें दो बाउंसर भी रखे गए हैं। इनके हर महीने का खर्च लगभग ढाई लाख रुपये हैं। जल्द ही दोनों बार को सीज किया जाएगा।
एप का खुद करते थे संचालन
आरोपी लोगों से मिलकर डिजिटल करेंसी में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करते थे। निवेश में कई गुना का लाभ देकर उन्हें ठगी के जंजाल में फंसाते थे। डेफ्टर लेजर अकाउंटिंग नाम से बने एप का संचालन खुद किया करते थे। पुलिस को शक है कि गिरोह में और भी लोग शामिल है। पुलिस अफसरों का कहना है कि जल्द ही मामले में और भी गिरफ्तारियां होंगी।
ट्रू कॉलर पर सीबीआई का नंबर सेव
जालसाज अपने मोबाइल नंबर को ट्रू कॉलर पर सीबीआई नाम से सेव किया था। ऐसे में जब कभी जालसाज किसी को डराने के लिए फोन करते थे तो अगले के मोबाइल पर सीबीआई के नाम से जाता था। लोगों को लगता था कि सीबीआई की तरफ से उनके पास फोन आया है। जिससे डरकर वह इन आरोपियों को पैसे ट्रांसफर कर देते थे। इन लोगों ने किन-किन लोगों से ठगी की है, पुलिस इसकी पड़ताल में जुटी हुई है।
साइबर पुलिस को 20 हजार का इनाम
दरियाबाद में रहने वाले संदीप ने अपना आधार दिल्ली, पहाड़गंज रामगली स्वामी राम तीर्थ नगर, हरीराम कन्ना का बनवाया था। उस पर अतरसुइया, शाहगंज और खुल्दाबाद थाने में ठगी के तीन मुकदमे एक लड़ाई-झगड़ा व धमकी का एक मुकदमा खुल्दाबाद थाने में दर्ज है। डीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि जालसाजों की गिरफ्तारी पर साइबर थाना पुलिस को 20 हजार रुपये इनाम दिया जाएगा।
पैसा निवेश करने के बाद ऐसा डराते थे
- सीबीआई अफसर बनकर
- एडिशनल डायरेक्टर बनकर टैक्स जमा करना
- पेनाल्टी भरने के नाम पर डराना
- एनओसी के नाम पैसा जमा करवाना
- एजेंसियों के सम्मन के नाम पर
- नोटिस भेजकर जेल जाने का डर दिखाना