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हाईकोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े छह लाख की ठगी, समीक्षा अधिकारी पर केस दर्ज
Fri, 10 Sep 2021 09:18 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 10 Sep 2021 09:18 PM IST
सार
करछना के खाई गांव निवासी मुकेश द्विवेदी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि जमीन की खरीद फरोख्त के मामले में उसकी मुलाकात समीक्षा अधिकारी कुसुम मिश्रा से हुई।
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एफआईआर की प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नौकरी के नाम पर 6.5 लाख की धोखाधड़ी के आरोप में समीक्षा अधिकारी पर कैंट थाने में केस दर्ज कराया गया है। भुक्तभोगी छह युवकों का आरोप है कि हाईकोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे रकम ली गई। चार साल बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिली और रुपये भी वापस नहीं किए जा रहे हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
करछना के खाई गांव निवासी मुकेश द्विवेदी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि जमीन की खरीद फरोख्त के मामले में उसकी मुलाकात समीक्षा अधिकारी कुसुम मिश्रा से हुई। आरोप है कि उन्होंने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों की भर्ती चल रही है और रुपये खर्च करने पर नियुक्ति कराने का वादा किया।
अक्तूबर 2015 में उसने व उसके गांव के ही पंकज द्विवेदी, विनय सिंह, वसीम अली, लाल साहब व विजय कुमार ने उन्हें 6.5 लाख रुपये दे दिए। चार साल बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। रुपये वापस मांगने पर हर बार झूठा आश्वासन मिलता रहा। रुपये नहीं मिले तो उसने व अन्य भुक्तभोगियों ने कैंट थाने पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर नामजद केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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करछना के खाई गांव निवासी मुकेश द्विवेदी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि जमीन की खरीद फरोख्त के मामले में उसकी मुलाकात समीक्षा अधिकारी कुसुम मिश्रा से हुई। आरोप है कि उन्होंने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों की भर्ती चल रही है और रुपये खर्च करने पर नियुक्ति कराने का वादा किया।
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अक्तूबर 2015 में उसने व उसके गांव के ही पंकज द्विवेदी, विनय सिंह, वसीम अली, लाल साहब व विजय कुमार ने उन्हें 6.5 लाख रुपये दे दिए। चार साल बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। रुपये वापस मांगने पर हर बार झूठा आश्वासन मिलता रहा। रुपये नहीं मिले तो उसने व अन्य भुक्तभोगियों ने कैंट थाने पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर नामजद केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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