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Mahakumbh : मेले में चार विश्व रिकॉर्ड भी बनेंगे, खर्च होंगे 4.87 करोड़, पर्यावरण और स्वच्छता का देंगे संदेश
Wed, 18 Dec 2024 06:21 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 18 Dec 2024 06:21 PM IST
सार
रिकॉर्ड्स गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मानकों तथा दिशा निर्देशों को ध्यान में रखकर इसकी तैयारी की जाएगी। इसके लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण के समन्वय से एक विशिष्ट टीम गठित होगी, साथ ही विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद ली जाएगी।
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जूना अखाड़े के संन्यासी।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
महाकुंभ-2025 में चार विश्व रिकॉर्ड भी बनेंगे। सभी रिकॉर्ड फरवरी में बनाए जाएंगे। इसका प्रस्ताव तैयार करने के साथ आगे की प्रक्रिया विशेषज्ञों की टीम करेगी। संस्था के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रिकॉर्ड बनाने में 4.87 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कुंभ-2019 में तीन विश्व रिकाॅर्ड बने थे। इस बार चार रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। इनके माध्यम से विश्व को पर्यावरण सरंक्षण और स्वच्छता का संदेश भी दिया जाएगा।
रिकॉर्ड्स गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मानकों तथा दिशा निर्देशों को ध्यान में रखकर इसकी तैयारी की जाएगी। इसके लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण के समन्वय से एक विशिष्ट टीम गठित होगी, साथ ही विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद ली जाएगी। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि विशेषज्ञों के चयन के लिए टेंडर किए गए हैं। जल्द ही टीम गठित कर आगे की प्रकिया शुरू की जाएगी।
यह बनेंगे चार रिकॉर्ड
1. संगम और आसपास के क्षेत्रों में 15 हजार सफाई कर्मचारी एक साथ झाड़ू लगाएंगे। इस पर 2.13 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका मकसद स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में सामूहिक जिम्मेदारी के संदेश को मजबूत करना है।
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2. महाकुंभ क्षेत्र में एक साथ 1000 ई-रिक्शा की सामूहिक परेड कराई जाएगी। इस पर 91.97 लाख रुपये खर्च होंगे। इसका मकसद नवाचार के साथ कार्बन मुक्त परिवहन सेवा को बढ़ावा देना है।
3. आठ घंटे में सबसे ज्यादा हैंडप्रिंट पेंटिंग बनाने का रिकॉर्ड बनाया जाएगा। इसमें 10,000 प्रतिभागियों के जरिये हाथ के निशान वाली पेंटिंग बनाई जाएगी। इस पर 95.76 लाख रुपये खर्च होंगे। इसका मकसद सौंदर्यीकरण के साथ विविधता में एकता का संदेश देना है।
4. सबसे बड़ी नदी सफाई अभियान। इसके अंतर्गत 300 लोग एक साथ नदी में सफाई के लिए उतरेंगे। इस पर 85.53 लाख रुपये खर्च होंगे। इसका मकसद पवित्र नदियों का संरक्षण है।
कुंभ-2019 में बने थे रिकॉर्ड
1. 500 से अधिक बसों का एक साथ संचालन। बसें 12 किमी तक चली थीं।
2. स्वच्छ एवं सुरक्षित कुंभ के तहत 10 हजार सफाई कर्मचारियों ने एक साथ स्वच्छता अभियान चलाया था।
3. हैंड पेंटिंग का रिकॉर्ड जिसमें पांच हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था।
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रिकॉर्ड्स गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मानकों तथा दिशा निर्देशों को ध्यान में रखकर इसकी तैयारी की जाएगी। इसके लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण के समन्वय से एक विशिष्ट टीम गठित होगी, साथ ही विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद ली जाएगी। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि विशेषज्ञों के चयन के लिए टेंडर किए गए हैं। जल्द ही टीम गठित कर आगे की प्रकिया शुरू की जाएगी।
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यह बनेंगे चार रिकॉर्ड
1. संगम और आसपास के क्षेत्रों में 15 हजार सफाई कर्मचारी एक साथ झाड़ू लगाएंगे। इस पर 2.13 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका मकसद स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में सामूहिक जिम्मेदारी के संदेश को मजबूत करना है।
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2. महाकुंभ क्षेत्र में एक साथ 1000 ई-रिक्शा की सामूहिक परेड कराई जाएगी। इस पर 91.97 लाख रुपये खर्च होंगे। इसका मकसद नवाचार के साथ कार्बन मुक्त परिवहन सेवा को बढ़ावा देना है।
3. आठ घंटे में सबसे ज्यादा हैंडप्रिंट पेंटिंग बनाने का रिकॉर्ड बनाया जाएगा। इसमें 10,000 प्रतिभागियों के जरिये हाथ के निशान वाली पेंटिंग बनाई जाएगी। इस पर 95.76 लाख रुपये खर्च होंगे। इसका मकसद सौंदर्यीकरण के साथ विविधता में एकता का संदेश देना है।
4. सबसे बड़ी नदी सफाई अभियान। इसके अंतर्गत 300 लोग एक साथ नदी में सफाई के लिए उतरेंगे। इस पर 85.53 लाख रुपये खर्च होंगे। इसका मकसद पवित्र नदियों का संरक्षण है।
कुंभ-2019 में बने थे रिकॉर्ड
1. 500 से अधिक बसों का एक साथ संचालन। बसें 12 किमी तक चली थीं।
2. स्वच्छ एवं सुरक्षित कुंभ के तहत 10 हजार सफाई कर्मचारियों ने एक साथ स्वच्छता अभियान चलाया था।
3. हैंड पेंटिंग का रिकॉर्ड जिसमें पांच हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था।