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कौशल विकास के लिए बनेंगे चार विश्वविद्यालय

Mon, 18 Jun 2018 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 18 Jun 2018 01:16 AM IST
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Four universities will be developed for skill development
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
उत्तर प्रदेश में जल्द ही कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) से जुड़े चार नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाएगी। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। इन विश्वविद्यालयों में कौशल विकास से जुड़े विभिन्न रोजगारपरक पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे। यह घोषणा प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने रविवार को यहां नैनी हाईटेक सिटी में इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय के अकादमिक भवन का भूमि पूजन करने के बाद की।
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उन्होंने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए निजी विश्वविद्यालयों के लिए अलग से कानून बनाया जाएगा। इस पर काम चल रहा है। मंत्री ने बताया कि नया शैक्षणिक कैलेंडर भी तैयार कर लिया गया है। इस वर्ष से शीतकालीन अवकाश की अवधि घटाई जा रही है। शीतकालीन अवकाश 25 दिसंबर से एक जनवरी तक यानी आठ दिन का होगा। महापुरुषों के नाम पर छुट्टियां कम की जाएंगी लेकिन उनसे जुड़े विशेष अवसरों पर शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नवंबर के तीसरे सप्ताह तक सेमेस्टर की परीक्षाएं हो जाएंगी।
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सेमेस्टर की फाइनल परीक्षाएं मई में समाप्त हो जाएंगी। सितंबर से नवंबर के बीच दीक्षांत समारोह होंगे। पांच जुलाई से विश्वविद्यालय और कॉलेज खुलेंगे और 10 जुलाई से कक्षाएं शुरू होंगी। 15 जुलाई से सेमेस्टर की कक्षाएं शुरू होंगी और 15 जनवरी से 15 फरवरी तक प्रयोगिक परीक्षाएं संपन्न करा ली जाएंगी। उन्होेंने इस बात पर संतोष जताया कि इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय ने 15 जून तक सभी परीक्षाओं के परिणाम जारी कर दिए। इसके लिए उन्होंने कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद को बधाई भी दी।
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मंत्री ने कहा कि दलित, पिछ़डों और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए ‘केजी टू पीजी’ योजना लागू की जाएगी। इसके तहत केजी क्लास से लेकर परास्नातक तक की पढ़ाई बहुत सस्ती होगी और कोशिश होगी कि पूरी शिक्षा मुफ्त हो। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षकों के तबादलों में किसी तरह का सोर्स नहीं चलेगा। अफसरों को भी हिदायत दी कि शिक्षकों की कोई समस्या है तो उसका निराकरण तत्काल अपने स्तर से करें। उन्होंने विश्वविद्यालयों, कॉलेज, माध्यमिक शिक्षकों से कहा कि कोई भी समस्या हो तो प्रबंधन, प्राचार्य या डीआईओएस माध्यम से 30 जून तक प्रार्थना पत्र उपलब्ध कर दें। एक से 15 जुलाई के लिए प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों को दिसंबर तक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है ताकि पठन-पाठन पटरी पर आ सके। उन्होंने कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद को भी निर्देश दिए कि इस साल शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पूरी कर लें। शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शासन की ओर से प्रश्न बैंक तैयार किया जा रहा है। मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। प्रश्न बैंक तैयार करने के लिए कई विशेषज्ञों से संपर्क किया गया है। शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने माध्यमिक स्कूलों में बायोमैट्रिक सिस्टम से उपस्थिति दर्ज कराने की छूट दे दी है। उन्होंने स्कूलों के प्रबंधतंत्र से कहा है कि यह अनिवार्य नहीं है लेकिन प्रबंधनतंत्र चाहता है तो शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमैट्रिक सिस्टम लागू कर सकता है। यूपी बोर्ड के टॉपरों की कॉपियां ऑनलाइन किए जाने को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। मंत्री से जब संवादाताओं ने इस बारे में सवाल पूछा तो वह टाल गए और कोई जवाब नहीं दिया।


उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने रविवार को नैनी स्थित सरस्वती हाईटेक सिटी में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जिस अकादमिक भवन का भूमि पूजन किया, उसका निर्माण इस साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद प्रशासनिक भवन का निर्माण कराया जाएगा। निर्माण के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को 61 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश शर्मा का स्वागत करते हुए कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि चहारदीवारी का निर्माण पूरा कराया जा चुका है और दिसंबर तक चार मंजिला भवन बनकर तैयार हो जाएगा। इस पर मंत्री ने वहां मौजूद कार्यदायी संस्था निर्माण निगम के अभियंता से पूछा तो उन्होंने भी कहा कि दिसंबर से पहले निर्माण पूरा हो जाएगा। कुलपति ने बताया कि अकादमिक भवन का निर्माण पूरा होते ही प्रशासनिक भवन का निर्माण होगा और फिर आवासीय परिसर बनाया जाएगा। शोध को बढ़ावा देने के लिए भी अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए भी अलग से परिसर बनाया जाएगा। कुलपति ने बताया कि इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय प्रदेश का ऐसा पहला विश्वविद्यालय है, जहां सेमेस्टर प्रणाली लागू की गई। साथ ही यूजीसी के मानके अनुसार पाठ्यक्रम लागू किए गए। कार्यक्रम में विधायक डॉ. अजय कुमार, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय आदि मौजूद रहे।
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