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हाईकोर्ट : चार सगे भाई हत्या मामले में दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई दस साल की कैद
Sat, 30 Mar 2024 04:47 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 30 Mar 2024 04:47 PM IST
सार
मामला सराय ममरेज थाना क्षेत्र का है। 15 अगस्त 1995 की शाम अपने खेत की रखवाली करने गए सत्तू लाल और वनपुरवा गांव के रहने वाले दयाराम यादव, गुलाब चंद्र यादव, रमाशंकर यादव और मटुकलाल के बीच पुराने विवाद में मारपीट हो गई।
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अदालत।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद जिला अदालत ने 29 वर्ष पुराने हत्या के मामले में चार सगे भाइयों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने चारों को दस वर्ष की कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि की आधी रकम बतौर मुआवजा मृतक के वैध आश्रितों को दी जाएगी। जबकि इनके विरोधी पक्ष के दो सगे भाइयों को तीन साल की कैद और पांच हजार रुपये की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर जिला व सत्र न्यायाधीश विकास श्रीवास्तव की अदालत ने जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि और एडीजीसी राजकुमार की ओर से पेश किए गए सात गवाहों और सुबूतों के आधार पर सुनाया।
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मामला सराय ममरेज थाना क्षेत्र का है। 15 अगस्त 1995 की शाम अपने खेत की रखवाली करने गए सत्तू लाल और वनपुरवा गांव के रहने वाले दयाराम यादव, गुलाब चंद्र यादव, रमाशंकर यादव और मटुकलाल के बीच पुराने विवाद में मारपीट हो गई। जिस दौरान घायल सत्तू को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद सत्तू के बेटे ने चारों भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। इलाज के दौरान सत्तू की मौत हो गई। जबकि मृतक के बेटे सेहत बहादुर और शेर बहादुर के खिलाफ दयाराम के परिजनों ने क्रास एफआईआर दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद चारों सगे भाइयों के खिलाफ हत्या और सेहत बहादुर और शेर बहादुर के खिलाफ मारपीट की धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया। लगभग 29 साल चले विचारण के बाद कोर्ट ने चारों सगे भाइयों को हत्या का दोषी करार देते हुए दस साल के कारावास और दस -दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी। जबकि मृतक के सेहत बहादुर और शेर बहादुर को तीन साल की कैद की सजा सुनाई।
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