Magh Mela : माघी पूर्णिमा पर चार राजयोग, 120 साल बाद मघा नक्षत्र में पूर्णिमा फलदायी
इस बार माघी पूर्णिमा शुक्रवार की दोपहर 3:33 बजे से लग जाएगी। 24 फरवरी की शाम 5:59 बजे तक माघ पूर्णिमा के स्नान, दान का मुहूर्त है। ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र के अनुसार माघ पूर्णिमा पर कुंभ राशि में बुध, सूर्य और शनि के गोचर करने के ग्रहों की विशेष युति बन रही है।
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माघी पूर्णिमा शनिवार को 120 वर्ष बाद मघा नक्षत्र में पड़ रही है। इस बार पूर्णिमा पर एक साथ चार दुर्लभ राजयोग मिलेंगे। बुध-सूर्य के जहां कुंभ राशि में होने से बुधादित्य राज योग होगा, वहीं शनि के कुंभ राशि पर होने से शश योग बनेगा। इस स्नान पर्व पर लक्ष्मी महायोग भी मिल रहा है। लक्ष्मी योग और शश योग भी मिल रहे हैं। ऐसे में संगम में स्नान का फल कई गुना अधिक होगा ही। साथ ही संगम में डुबकी और दान से हर मनोकामनाएं पूरी होने के संयोग बनेंगे।
इस बार माघी पूर्णिमा शुक्रवार की दोपहर 3:33 बजे से लग जाएगी। 24 फरवरी की शाम 5:59 बजे तक माघ पूर्णिमा के स्नान, दान का मुहूर्त है। ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र के अनुसार माघ पूर्णिमा पर कुंभ राशि में बुध, सूर्य और शनि के गोचर करने के ग्रहों की विशेष युति बन रही है। मघा नक्षत्र इस घड़ी को और भी शुभ फलदायी बनाएगा। यह योग किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। मंगल के मकर राशि में होने से रूचक राज योग भी पड़ रहा है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा पर भगवान वेणी माधव यानी विष्णु संगम पर वास करते हैं। इसलिए इस दिन संगम स्नान का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन रेती पर महीने भर चलने वाले कल्पवास का भी समापन होगा। ऐसे में शिविरों में माघ पूर्णिमा के दिन कथाओं के अलावा यज्ञ और आहुतियों से मंगल की कामना की जाएगी। कल्पवासी माघ पूर्णिमा पर मां गंगा की पूजा, आरती कर साधु- संतों को अन्न-वस्त्र का दान भी करेंगे।
संत शिरोमणि की जयंती पर निकलेंगी शोभायात्राएं
सोहबतिया बाग स्थित संत शिरोमणि रविदास मंदिर से जयंती पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान कई मुहल्लों और गांवों से संत शिरोमणि के कटआउट वाले होर्डिंग के साथ रथों पर सवार होकर बाजे गाजे के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी।