फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Four notorious criminals, committing crimes for years but the police could not open the history sheet

Prayagraj : चार कुख्यात अपराधी, सालों से कर रहे अपराध लेकिन पुलिस नहीं खोल पाई हिस्ट्रीशीट

Mon, 06 Mar 2023 05:21 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 06 Mar 2023 05:21 AM IST
सार

गुड्डू मुस्लिम, गुलाम, साबिर और अरमान। यह चार नाम ऐसे हैं जो उमेश पाल हत्याकांड के बाद माफिया अतीक अहमद के बेटे असद के अलावा इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।

विज्ञापन

विस्तार

गुड्डू मुस्लिम, गुलाम, साबिर और अरमान। यह चार नाम ऐसे हैं जो उमेश पाल हत्याकांड के बाद माफिया अतीक अहमद के बेटे असद के अलावा इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। पिछले नौ दिनों की जांच में यह साफ हो चुका है कि चारों खूंखार अपराधी हैं और लंबे समय से अपराध में लिप्त हैं। लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाला रवैया प्रयागराज पुलिस का है।

विज्ञापन


कुख्यात अपराधी और माफिया के बेहद करीबी होने के बावजूद जनपद की पुलिस आज तक इनकी हिस्ट्रीशीट नहीं खोल पाई। ऐसा क्यों हुआ, इसका जवाब ना तो संबंधित थाना प्रभारियों के पास है और ना ही जिले के आला अफसर इस संबंध में कोई जवाब दे पा रहे हैं।

विज्ञापन

 

अरमान

चारों शूटरों में सबसे पहले बात अरमान की। वह मूल रूप से बिहार के सासाराम का रहने वाला है, लेकिन पिछले कई सालों से प्रयागराज में सिविल लाइंस में रहा करता है। माफिया अतीक अहमद से उसकी करीबी शहर में हर तरफ चर्चा का विषय है। दो साल पहले तत्कालीन एडीजी प्रयागराज जोन प्रेमप्रकाश ने खुद छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया था। तब खुलासा हुआ था कि अतीक के करीबी आशिक उर्फ मल्ली के साथ अरमान ने सिविल लाइंस में एक फ्लैट में कब्जा जमाया था और कई सालों से उसमें रह रहा था। सिविल लाइंस थाने में कई बार उसके खिलाफ शिकायतें पहुंची लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले में थाने के दरोगा पर भी कार्रवाई हुई थी।

गुड्डू मुस्लिम

गुड्डू मुस्लिम की आपराधिक कुंडली के बारे में फिलहाल किसी से कुछ छुपा नहीं है। पता चला है कि उसने न सिर्फ प्रयागराज बल्कि गोरखपुर से लेकर लखनऊ तक आपराधिक वारदातें अंजाम दी। उसका लंबा-चौड़ा अपराधिक इतिहास भी है। वह मूल रूप से शिवकुटी के लाला की सराय का रहने वाला है। लखनऊ में एक टीचर की हत्या के अलावा ठेकेदार की हत्या में भी उसकी संलिप्तता सामने आई लेकिन शिवकुटी पुलिस ने अब तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। होना यह चाहिए कि हिस्ट्रीशीट खोलकर उसकी नियमित रूप से निगरानी होती लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

विज्ञापन

गुलाम

गुलाम शिवकुटी के मेहंदौरी का रहने वाला है। माफिया अतीक अहमद से उसकी करीबी किसी से छिपी नहीं है। उमेश पाल हत्याकांड में जिस तरह से उसने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, उससे साफ है कि वह किसी प्रोफेशनल शूटर से कम नहीं। अतीक अहमद ही नहीं बल्कि वह कई अन्य माफिया के भी लगातार संपर्क में बना हुआ था। सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें भी लगातार वायरल होती रहीं। इसके बावजूद पुलिस की ओर से उसकी निगरानी के कोई उपाय नहीं किए गए। ना हिस्ट्रीशीट खोली गई और ना ही उसके खिलाफ कोई निरोधात्मक कार्रवाई की गई। नतीजा यह हुआ कि वह बेखौफ होकर साजिशें रचता रहा व माफिया के लिए काम करता रहा।

साबिर

साबिर अतीक अहमद गैंग का बेहद करीबी है। वह लगातार अतीक अहमद के साथ रहकर अतीक अहमद की गाड़ी चलाता रहा। अतीक के जेल जाने के बाद उसकी पत्नी शाइस्ता और बेटों के साथ साए की तरह लगा रहा। साबिर उस मरियाडीह का रहने वाला है जिसे अतीक अहमद का गढ़ माना जाता है। यह वही मरियाडीह है जहां एक बार अतीक के गैंग के लोगों ने पुलिस पर हमलाकर एक तत्कालीन अधिकारी के गनर की कार्बाइन लूट ली थी और पुलिस चौकी में आग लगा दी थी। प्रयागराज पुलिस की तत्परता देखिए कि इतने सालों से अतीक अहमद गैंग से जुड़े होने के बावजूद उसकी हिस्ट्रीशीट नहीं खोली गई।

इस संबंध में जब चारों थानों के प्रभारियों से बात की गई तो उन्होंने अलग-अलग बयान दिए। शिवकुटी एसओ मनीष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गुलाम और गुड्डू मुस्लिम पर पुराने मुकदमे थे और हाल फिलहाल उनकी कोई गतिविधि नहीं थी, इसलिए हिस्ट्रीशीट खोलने के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उधर सिविल लाइंस थाना प्रभारी ने भी कुछ इसी तरह की बात की। जब इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अकाश कुलहरि से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह पता करके बता पाएंगे कि हिस्ट्रीशीट क्यों नहीं खोली गई। लेकिन देर रात तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed