उमेश पाल हत्याकांड : असद के चार करीबी फतेहपुरी सीकरी से उठाए गए, कार के शीशे तोड़कर गाड़ी से निकाला
सूत्रों ने बताया कि टोला प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों को बंद करा दिया गया। एक लेन को छोड़कर बाकी लेन बंद कर दी गईं। क्रेन और ट्रक लगाकर रास्ता रोका गया। इसी दौरान राजस्थान की ओर से काले रंग की क्रेटा कार आई। एसटीएफ पहले से ही अलर्ट थी। टीम ने कार को घेर लिया।
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प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और शूटरों के आगरा और राजस्थान में छिपे होने की आशंका पर एसटीएफ ने दबिश दी। फतेहपुर सीकरी के कौरई टोल प्लाजा से सोमवार तड़के क्रेटा कार में सवार चार संदिग्धों को घेराबंदी के बाद पकड़ लिया। एक ने भागने का प्रयास भी किया। सूत्रों ने बताया कि फायरिंग भी हुई। पकड़े गए लोग असद और शूटरों के करीब बताए गए हैं। टीम चारों को अपने साथ ले गई। इस मामले में स्थानीय अधिकारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं।
उमेश पाल हत्याकांड के आरोपियों और शूटरों की तलाश में एसटीएफ दबिश दे रही है। सूत्रों के मुताबिक, टीम को इनपुट मिला था कि आगरा और आसपास के इलाके में असद, शूटर और उसके करीबी हो सकते हैं। असद पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित है। सोमवार तड़के एसटीएफ की टीम राजस्थान की सीमा पर पहुंची। इसके बाद तड़के साढ़े छह बजे तीन गाड़ियों में पुलिसकर्मियों ने कौरई टोला प्लाजा पर घेराबंदी कर ली।
सूत्रों ने बताया कि टोला प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों को बंद करा दिया गया। एक लेन को छोड़कर बाकी लेन बंद कर दी गईं। क्रेन और ट्रक लगाकर रास्ता रोका गया। इसी दौरान राजस्थान की ओर से काले रंग की क्रेटा कार आई। एसटीएफ पहले से ही अलर्ट थी। टीम ने कार को घेर लिया। उसे रुकवाने के बाद शीशे तोड़ दिए। कार में चार लोग सवार थे। उन पर हथियार तानकर बाहर आने के लिए कहा।
सभी हाथ ऊपर करके बाहर आ गए। एक ने भागने की कोशिश की। मगर, टीम ने उसे पकड़ लिया। इस दौरान फायरिंग भी हुई। लोगों ने आवाज सुनी थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक के बाद एक दो फायर किए गए। मगर, किसी को भी गोली नहीं लगी। टीम ने चारों संदिग्धों को हिरासत में लेने के बाद अपनी गाड़ी में बैठाया और अज्ञात स्थान पर ले गई।
असद के करीबी हैं कार सवार
कार में पकड़े गए चारों संदिग्ध असद और शूटरों के करीबी बताए गए हैं। उन्हें टीम अपने साथ लेकर चली गई। इस मामले में स्थानीय पुलिस के अधिकारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। टोल प्लाजा के कैमरों को बंद करा दिया गया था। आसपास लगने वाले चाय के ठेलों से लेकर टोल के आसपास से लोगों को दूर भेजा गया था। अधिकारियों ने बाहर से टीम आने के बारे में कहा है। टोल प्लाजा के अधिकारी भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। डीसीपी पश्चिमी सोनम कुमार ने बताया कि चार लोगों के पकड़कर ले जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।