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संगम में डूबे छात्र की मौत, शव मिला
Sat, 27 Apr 2019 01:14 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 27 Apr 2019 01:14 AM IST
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sangam
- फोटो : प्रयागराज
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एक दिन पहले नहाते वक्त संगम में डूबे आठवीं के छात्र की मौत हो गई है। उसका शव सुबह संगम घाट के पास ही मिला। बेटे का शव देख परिजन बदहवास से हो गए। अन्य परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा।
चौक के रानीमंडी के रहने वाले सुशील उर्फ बबलू टंडन इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में काम करते हैं। उनका बेटा रौनक (13) टैगोर पब्लिक स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र था। शनिवार शाम वह कोचिंग के बाद नहाने के लिए दो दोस्तों संग संगम पहुंचा था, तभी हुए हादसे में वह नदी में डूब गया। उसका कुछ पता नहीं चलने पर रात 10 बजे के करीब पुलिस ने तलाशी अभियान बंद कर दिया। शुक्रवार सुबह छह बजे के करीब पुलिस ने फिर गोताखोरों को नदी में उतारा। आधे घंटे की मशक्कत के बाद रौनक का शव संगम घाट के पास ही मिल गया। बेटे का शव देख घाट पर मौजूद पिता व अन्य परिजन बिलखने लगे। पिता सुशील बेटे के शव से लिपटकर रोते रहे। पुलिस ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। यह उन्होंने लिखकर भी दिया। जिसके बाद लिखापढ़ी में बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव उन्हें सौंप दिया गया।
उधर रौनक का शव घर लाया गया तो वहां कोहराम मच गया। बेटे का शव देखकर मां तो बदहवास सी हो गई थी। भाई-बहन का भी रो-रोकर बुरा हाल था। शव पहुंचने पर बड़ी संख्या में आसपास के लोग भी जुट गए थे। सभी परिजनों को ढांढस बंधाते रहे लेकिन परिवारवालों की हालत देख उनकी भी आंखें नम हो गईं।
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चौक के रानीमंडी के रहने वाले सुशील उर्फ बबलू टंडन इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में काम करते हैं। उनका बेटा रौनक (13) टैगोर पब्लिक स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र था। शनिवार शाम वह कोचिंग के बाद नहाने के लिए दो दोस्तों संग संगम पहुंचा था, तभी हुए हादसे में वह नदी में डूब गया। उसका कुछ पता नहीं चलने पर रात 10 बजे के करीब पुलिस ने तलाशी अभियान बंद कर दिया। शुक्रवार सुबह छह बजे के करीब पुलिस ने फिर गोताखोरों को नदी में उतारा। आधे घंटे की मशक्कत के बाद रौनक का शव संगम घाट के पास ही मिल गया। बेटे का शव देख घाट पर मौजूद पिता व अन्य परिजन बिलखने लगे। पिता सुशील बेटे के शव से लिपटकर रोते रहे। पुलिस ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। यह उन्होंने लिखकर भी दिया। जिसके बाद लिखापढ़ी में बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव उन्हें सौंप दिया गया।
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उधर रौनक का शव घर लाया गया तो वहां कोहराम मच गया। बेटे का शव देखकर मां तो बदहवास सी हो गई थी। भाई-बहन का भी रो-रोकर बुरा हाल था। शव पहुंचने पर बड़ी संख्या में आसपास के लोग भी जुट गए थे। सभी परिजनों को ढांढस बंधाते रहे लेकिन परिवारवालों की हालत देख उनकी भी आंखें नम हो गईं।
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